Search

दुमका में सेंटर ऑफ एक्सेलेंस चयन के लिए खिलाड़ियों ने दिखाया दम, दो दिनों में 354 खिलाड़ियों ने लिया भाग

Dumka : झारखंड खेल प्राधिकरण के तत्वावधान में नव सेंटर फॉर एक्सेलेंस फुटबॉल (एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र) के लिए बालक एवं बालिका आयु वर्ग 16 से 22 वर्ष तक के खिलाड़ियों के लिए दो दिवसीय चयन कमार दुधानी फुटबॉल स्टेडियम दुमका में संपन्न हुआ. दो दिवसीय फुटबॉल चयन में कुल 354 बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने भाग लिया. जिसमें दुमका के अलावे पाकुड़, साहेबगंज, गिरिडीह, जामताड़ा, गोड्डा , देवघर,धनबाद जिले के खिलाड़ियों का बैट्री टेस्ट एवं स्किल टेस्ट हुआ. बैट्री टेस्ट अन्तर्गत ऊंचाई, वजन, 30 मीटर ,10 मीटर, 6×6 सटल रनिंग, बॉल थ्रो,800 मीटर ,वर्टिकल जंप,स्किल टेस्ट के अंर्तगत ड्रिबलिंग, जैगलिंग , बॉल कंट्रोलिंग, विथ बॉल रनिंग एंड टर्निंग, विथ बॉल जिग जैग मूवमेंट, मैच सिचुएशन गेम्स समेत कई तरह के टेस्ट लिए गए.
  • 19-20 अप्रैल-रामा साहू हाई स्कूल- गढ़वा
  • 24-25 अप्रैल - कर्जन स्टेडियम- हजारीबाग में ट्रायल होंगे

अंतिम चयन प्रक्रिया 28 एवं 29 अप्रैल को

उपर्युक्त स्थलों से चयनित खिलाड़ियों का अंतिम चयन प्रक्रिया 28 एवं 29 अप्रैल को बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम मोरहाबादी रांची में किया जायेगा. अंतिम रूप से चयनित (बालक/बालिका) खिलाड़ियों को राज्य सरकार निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण केंद्र के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायेगी. इस अवसर पर चयन समिति के अध्यक्ष देव शंकर दास उपनिदेशक साझा,देवेन्द्र कुमार सिंह खेल परामर्शी सह प्रतियोगिता प्रबंधक साझा, मो सलीम आवासीय फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र चाईबासा, अजय सुभाष तिर्की आवासीय फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र गिरिडीह, योगेश प्रसाद यादव, आवासीय एथलेटिक प्रशिक्षण केंद्र ,साहेबगंज, सतीश मिंज सहायक प्रशिक्षक आवासीय फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र गुमला उपस्थित रहे. वहीं चयन में जिला खेल पदाधिकारी तूफान कुमार पोद्दार, दुमका सी.ओ.ई. तीरंदाज़ी कोच बी एस राव, सुमित कुमार मिश्रा, आवासीय तीरंदाजी कोच मोहन कुमार साहू, देवीधन टुडू, फुटबॉल कोच रीता मिंज, क्रीडा किसलय केंद्र कोच सुनील सोरेन, सुबोध बस्की, संजय हेंब्रम, समेत सेंटर ऑफ एक्सेलेंस तीरंदाजी एवं आवासीय बालक तीरंदाजी,आवासीय बालिका फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र दुमका के ट्रेनी खिलाड़ियों का सराहनीय सहयोग रहा. इसे भी पढ़ें – झारखंड">https://lagatar.in/dushasans-government-in-jharkhand-why-exploitation-of-mothers-and-sisters-under-tribal-cms-rule-minister-ashwini-choubey/">झारखंड

में दुशासन की सरकार, आदिवासी सीएम के शासन में मां-बहनों का शोषण क्यों : मंत्री अश्विनी चौबे
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp