Search

 
 
 

जरा, इधर भी नजरें इनायत करें शिक्षा सचिव…

 
Amarnath Pathak Hazaribagh : पिछले तीन माह से झारखंड में छात्राओं के ल‍िए सबसे प्रतिष्ठित सरकारी स्कूल इंदिरा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय हजारीबाग विवादों में है. पहले 43 आउटसोर्सिंग कर्मियों को बहाल कर हटाए जाने का मामला सुर्खियों में रहा, अब स्कूल कैंपस से कई हरे-भरे और बेशकीमती पेड़ काटने से विवाद उभरा है. इस बीच स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव के. रवि कुमार के 24 जनवरी को आने की सूचना दी गई है. इस स्कूल के प्रति संवेदना रखनेवाले लोगों का कहना है कि शिक्षा सचिव निरीक्षण के दौरान जरा इन कटे पेड़ों पर भी गौर फरमाएंगे. सवाल उठाए जा रहे हैं कि ऐसे कैसे रातों-रात आधा दर्जन से अधिक पेड़ स्कूल कैंपस से काट लिए गए. क्या छात्राओं के इतने बड़े और प्रतिष्ठित स्कूल में सुरक्षा के नाम पर गार्ड तैनात नहीं है. इस संबंध में प्रभारी प्राचार्या कुमारी इंदू कहती हैं कि वह जांच करवा कर जानकारी ले रही हैं कि आखिर पेड़ कैसे कटे. उनकी जानकारी में पेड़ नहीं काटे गए हैं. [caption id="attachment_535178" align="alignnone" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/tree-cutting_560-e1674479411712.jpg"

alt="इंदिरा गांधी स्कूल कैंपस में काट द‍िए गए कई हरे-भरे पेड़" width="600" height="472" /> इंदिरा गांधी स्कूल कैंपस में काट द‍िए गए कई हरे-भरे पेड़[/caption] इस संबंध में खेल शिक्षिका ने लिखित रूप में इसकी जानकारी प्राचार्या को उपलब्ध कराई है. पत्र में उन्होंने लिखा है कि खेलकूद के दौरान थोड़ा आराम करने के लिए छात्राओं को इन पेड़ों की छाया राहत देती थी. बहरहाल शिक्षा सचिव ने प्राचार्या को पत्र में आगमन की सूचना के साथ यह जानकारी दी है कि उन्हें स्कूल से कई शिकायतें मिल रही है. वह निरीक्षण करेंगे, इसके लिए स्कूल में पूरी तैयारी कर ली जाए. इधर स्कूल से निकाले गए 43 आउटसोर्सिंग कर्मी भी आस लगाए बैठे हैं कि शिक्षा सचिव निरीक्षण के बाद उनलोगों के साथ भी न्याय करें. संभव हो कि उनकी गई हुई नौकरी फिर से मिल जाए. इसे भी पढ़ें : ब‍िहार">https://lagatar.in/8-people-died-again-due-to-spurious-liquor-in-bihar-14-serious-6-blinded/">ब‍िहार

में जहरीली शराब से फ‍िर मरे 8 लोग, 14 गंभीर, 6 की गई आंखें  
[wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही