Lagatar Desk: पीएम मोदी अपने राजकीय दौरे पर इस समय सेशेल्स में हैं. यात्रा के दूसरे दिन पीएम को सेशेल्स की संसद में गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन के खिताब से नवाजा गया. संसद को संबोधित करने हुए पीएम मोदी ने इस सम्मान के लिए सेशेल्स का आभार जताया. उन्होंने कहा कि उन्हें ये सम्मान पाकर गर्व महसूस हो रहा है.
उन्होंने अपने संबोधन में जलवायु परिवर्तन को लेकर आवाज उठाई. पीएम ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का सबसे बुरा असर ग्लोबल साउथ और खासतौर से छोटे द्वीप देशों पर पड़ा है.
वहीं, जलवायु परिवर्तन को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ और विशेष रूप से द्वीप राष्ट्र, जलवायु परिवर्तन से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. इसके प्रभाव हमारे समुद्र तटों, मरीन इकोसिस्टम, मौसम के पैटर्न और हमारे समुदायों में सबसे पहले से ही दिखाई दे रहे हैं.
पीएम ने कहा कि जिन देशों ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने में सबसे कम योगदान दिया है, उन्हें इसके नतीजों का सबसे बड़ा बोझ नहीं उठाना चाहिए. पीएम ने भरोसा दिया कि भारत हमेशा छोटे द्वीप विकासशील देशों के हितों की रक्षा के लिए सेशेल्स के साथ मिलकर काम करता रहेगा.
सेशेल्स के बीच सदियों पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हिंद महासागर दोनों देशों को अलग नहीं करता, बल्कि आपस में जोड़ता है. सेशेल्स की तारिफ करते हुए उन्होंने कहा कि ये छोटा द्वीप राज्य नहीं, बल्कि एक बड़ा महासागरीय देश है, जिसकी समुद्री क्षेत्र लगभग 14 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. उन्होंने ब्लू इकोनॉमी और ब्ल बॉन्ड के जिरए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में दुनिया को रास्ता दिखाने के लिए सेशेल्स को सराहा.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीकी विकास, बेहतर गवर्नेस और वित्तीय समावेशन का बेहतरीन उदाहरण है. भारत अपनी इस विशेषज्ञता को सेशेल्स के साथ साझा करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
पीएम ने सेशेल्स के साथ संबंध मजबूत करने को लेकर कई प्रस्ताव रखे. उन्होंने तटीय प्रबंधन में सहयोग के विस्तार पर जोर दिया. इस दौरान रिन्यूएबल एनर्जी और सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.
Leave a Comment