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पीएम मोदी ने आईएनएस विक्रांत को देश सेवा में समर्पित किया, कहा, भारत नये भविष्य के सूर्योदय का साक्षी बन रहा है

Kochi : प्रधानमंत्री मोदी ने आज शुक्रवार सुबह कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में स्वदेशी आईएनएस विक्रांत को देशसेवा में समर्पित किया. इससे पूर्व प्रधानमंत्री मोदी के कोचीन शिपयार्ड पहुंचने पर यहां मौजूद नौसेना के अध‍िकारियों ने उनका स्‍वागत किया. पीएम मोदी को नेवी की ओर से गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया. आईएनएस विक्रांत के समुद्र में अवतरण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केरल के समुद्री तट पर पूरा भारत एक नये भविष्य के सूर्योदय का साक्षी बन रहा है. कहा कि INS विक्रांत पर हो रहा यह आयोजन, विश्व क्षितिज पर भारत के बुलंद होते हौसलों की हुंकार है.

 यह समंदर पर तैरता किला है

यह पहला स्‍वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर ही नहीं, यह समंदर पर तैरता किला है. इस क्रम में पीएम मोदी ने नौसेना के नये निशान का भी अनावरण किया जो ब्रिटिश राज की परछाई से दूर है. इसमें बायीं ओर ऊपर की तरफ राष्‍ट्रध्‍वज और दायीं तरफ अशोक स्‍तंभ और उसके नीचे लंगर है. इस अवतर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन समेत अन्य सैन्य अधिकारी मौजूद थे. पीएम ने कहा, आज भारत ने, गुलामी के एक निशान, गुलामी के एक बोझ को अपने सीने से उतार दिया है. आज से भारतीय नौसेना को एक नया ध्वज मिला है. अब तक भारतीय नौसेना के ध्वज पर गुलामी की पहचान बनी हुई थी.

विक्रांत पर नौसेना की अनेक महिला सैनिक भी तैनात रहेंगी

नरेंद्र मोदी ने कहा, विक्रांत जब हमारे समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा के लिए उतरेगा, तो उस पर नौसेना की अनेक महिला सैनिक भी तैनात रहेंगी. समंदर की अथाह शक्ति के साथ असीम महिला शक्ति, ये नये भारत की बुलंद पहचान बन रही है. अब इंडियन नेवी ने अपनी सभी शाखाओं को महिलाओं के लिए खोलने का फैसला किया है. जो पाबंदियां थीं वो अब हट रही हैं. जैसे समर्थ लहरों के लिए कोई दायरे नहीं होते, वैसे ही भारत की बेटियों के लिए भी अब कोई दायरे या बंधन नहीं होंगे. मोदी ने आईएनएस विक्रांत की खासियतें बताते हुए कहा कि यह युद्धपोत से ज्‍यादा तैरता हुआ एयरफील्‍ड है, यह तैरता हुआ शहर है. इसमें जितनी बिजली पैदा होती है उससे 5,000 घरों को रौशन किया जा सकता है. इसका फ्लाइंग डेक भी दो फुटबॉल फील्‍ड से बड़ा है. इसमें जितने तार इस्तेमाल हुए हैं वह कोचीन से काशी तक पहुंच सकते हैं.`

ब्रिटिश संसद में कानून बनाकर भारतीय जहाजों पर कड़े प्रतिबंध लगाये गये

पीएम ने कहा, छत्रपति वीर शिवाजी महाराज ने इस समुद्री सामर्थ्य के दम पर ऐसी नौसेना का निर्माण किया, जो दुश्मनों की नींद उड़ाकर रखती थी. जब अंग्रेज भारत आये, तो वो भारतीय जहाजों और उनके जरिए होने वाले व्यापार की ताकत से घबराए रहते थे. इसलिए उन्होंने भारत के समुद्री सामर्थ्य की कमर तोड़ने का फैसला लिया. इतिहास गवाह है कि कैसे उस समय ब्रिटिश संसद में कानून बनाकर भारतीय जहाजों और व्यापारियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिये गये.

  ओल्ड शिप्स नेवर डाई :  राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, `अमृतकाल` के प्रारंभ में INS विक्रांत की कमीशनिंग अगले 25 सालों में राष्ट्र की सुरक्षा के हमारे मजबूत संकल्प को दर्शाती है. INS विक्रांत आकांक्षाओं और आत्मनिर्भर भारत का एक असाधारण प्रतीक है. उन्होंने कहा, आप सभी नौसेना की परंपराओं से अवगत हैं, ओल्ड शिप्स नेवर डाई. 1971 के युद्ध में अपनी शानदार भूमिका निभाने वाले विक्रांत का यह नया अवतार, अमृत-काल की उपलब्धि के साथ-साथ हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और बहादुर फौजियों को भी एक विनम्र श्रद्धांजलि है. [wpse_comments_template]

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