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पीएम मोदी ने बैठक की, सीनियर मंत्री सहित फाइनेंस व कॉमर्स मिनिस्ट्री के बड़े अधिकारियों संग ट्रंप टैरिफ को लेकर चर्चा

सरकार ने वैकल्पिक बाजारों की  तलाश और कारोबारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की दिशा में पहल शुरू कर दी है. जानकारों का कहना है कि ट्रंप टैरिफ का असर भारत के 55फीसदी उत्पाद क्षेत्रों के निर्यात (अमेरिका में) पर पड़ सकता है. इन उत्पादों में  कपड़े, ज्वेलरी, लेदर प्रोडक्ट, खिलौने, केमिकल, मशीन टूल, प्लास्टिक, मरीन प्रोडक्ट्स ,हित अन्य सामान शामिल हैं.
 

 New Delhi :   ट्रंप टैरिफ को लेकर एक अहम खबर आ रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने आज मंगलवार शाम टैरिफ से निपटने की तैयारियों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. सूत्रों के अनुसार बैठक में  मोदी कैबिनेट के सीनियर मंत्री सहित फाइनेंस एवं कॉमर्स मिनिस्ट्री के बड़े अधिकारी मौजूद हैं.  


मामला यह है कि पहले अमेरिका की ट्रंप सरकार ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया. इसके बाद अतिरिक्त 25प्रतिशत टैरिफ भारत पर लाद दिया. इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गयी है. यानी भारत पर कुल 50 फीसदी  टैरिफ लग गया है. एक्स्ट्रा 25 फीसदी टैरिफ 27 अगस्त 2025 से लागू हो गया है. अमेरिका ने टैरिफ इसलिए लगाया है क्योंकि भारत रुस से तेल खरीदना बंद नहीं कर रहा है.

 

50 फीसदी  टैरिफ लगने से भारतीय निर्यातकों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा. इसकी भरपाई के लिए वे केंद्र सरकार की ओर आस भरी नजर से देख रहे हैं,  

 

सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी के नेतृत्व में हो रही बैठक के बाद सरकार निर्यातकों के हित में  कुछ बड़ी घोषणाएं  कर सकती है. बता दें कि पीएम की बैठक जापान और चीन की यात्रा से पहले हो रही है.  चर्चा है कि   सरकार  भारतीय निर्यातकों  के लिए आर्थिक राहत और कामगारों की सुरक्षा कि लिए स्पेशल पैकेज की घोषणा कर सकती है.

 

सरकार ने वैकल्पिक बाजारों की  तलाश और कारोबारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की दिशा में पहल शुरू कर दी है. जानकारों का कहना है कि ट्रंप टैरिफ का असर भारत के 55फीसदी उत्पाद क्षेत्रों के निर्यात (अमेरिका में) पर पड़ सकता है. इन उत्पादों में  कपड़े, ज्वेलरी, लेदर प्रोडक्ट, खिलौने, केमिकल, मशीन टूल, प्लास्टिक, मरीन प्रोडक्ट्स ,हित अन्य सामान शामिल हैं.

 

 

बता दें कि इनमें कई उत्पाद ऐसे हैं जिनके प्रोडक्शन में देश की बड़ी आबादी को रोजगार मिलता है. ट्रंप टैरिफ के कारण भारतीय उत्पाद अमेरिका में प्रतिस्पर्धा से बाहर हो जायेंगे,  क्योंकि भारत के ज्यादातर प्रतिस्पर्धी देशों के उत्पाद भारत पर लागू 50फीसदी  के मुकाबले 30 से 35 फीसदी कम दरों पर उपलब्ध होंगे.  
 

 

 भारत के वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इससे लगभग 48.2 अरब डॉलर के निर्यात प्रभावित होंगे. थिंक टैंक जीटीआरआई के अनुसार  भारत के कुल निर्यात का 66फीसदी  या लगभग 60.2 अरब डॉलर, जिसमें टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी और श्रिंप शामिल हैं,  

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