Search

 
 
 

पीएम मोदी वायुसेना के हेलीकॉप्टर से वायनाड पहुंचे, भूस्खलन प्रभावित इलाकों का दौरा किया

 
 Kannur :  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वायनाड के भूस्खलन प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए शनिवार को केरल पहुंचे. अधिकारियों के मुताबिक, मोदी एयर इंडिया वन विमान से पूर्वाह्न करीब 11 बजे कन्नूर हवाई अड्डे पर उतरे, जहां केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने उनकी अगवानी की. उन्होंने बताया कि कन्नूर से प्रधानमंत्री वायुसेना के हेलीकॉप्टर के जरिये वायनाड के लिए रवाना हुए,

राहुल गांधी ने  प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया

पीएम यहां से वायनाड पहुंचे और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया. साथ ही  क्षेत्र में चल रहे राहत और पुनर्वास प्रयासों का आकलन किया. प्रधानमंत्री भूस्खलन के पीड़ितों से अस्पतालों और राहत शिविरों में जाकर  मिले. खबर है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी, जो वायनाड के पूर्व सांसद हैं, ने वायनाड का दौरा करने का फैसला करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दौरे के बाद प्रधानमंत्री वायनाड भूस्खलन को राष्ट्रीय आपदा घोषित करेंगे.

वायुसेना का हेलीकॉप्टर कलपेट्टा में  स्कूल में उतरा

अधिकारियों के अनुसार, मोदी के साथ खान, विजयन और केंद्रीय पर्यटन तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी भी वायनाड के लिए रवाना हुए. उन्होंने बताया कि वायुसेना का हेलीकॉप्टर कलपेट्टा में एसकेएमजे हायर सेकेंडरी स्कूल में उतरा,  जहां से मोदी ने सड़क मार्ग से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया.  प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब केरल सरकार ने आपदाग्रस्त क्षेत्र में पुनर्वास और राहत कार्यों के लिए 2,000 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है. अधिकारियों ने बताया कि वायनाड में बचाव अभियान में शामिल दल ने प्रधानमंत्री को निकासी प्रयासों के बारे में जानकारी दी.

मोदी राहत शिविर और अस्पताल गये

उन्होंने बताया कि मोदी राहत शिविर और अस्पताल गये. जहां वह पीड़ितों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से निकाले गये लोगों से मुलाकात की.  अधिकारियों के अनुसार, मोदी इसके बाद एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें उन्हें आपदा और उसके बाद जारी राहत प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी. केरल के वायनाड जिले में 30 जुलाई को बड़े पैमाने पर हुई भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 226 लोगों की मौत हो गई थी. क्षेत्र में कई लोग अब भी लापता हैं.
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही