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पीएम मोदी ने कहा, घुसपैठिये कांग्रेस-राजद के वोट बैंक, जमानत पर बाहर घूमने वाले नये कानून का कर रहे विरोध

Patna : पीएम मोदी ने आज बिहार के गया जी में बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शहरी विकास और जल आपूर्ति के लिए लगभग 13,000 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने विपक्षी दलों पर  करारा हमला बोला.

 

 

 

पीएम मोदी ने कांग्रेस और राजद को घुसपैठियों को मदद देने का आरोप लगाया. कहा कि वे लोग बिहार के गरीबों का हक छीनकर घुसपैठियों को देना चाहते हैं. दोनों दल वोटबैंक और तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं. 

 


पीएम ने कहा कि एनडीए सरकार देश का भविष्य घुसपैठियों को तय करने नहीं देगी. इस खतरे से निपटने के लिए हमारी सरकार  डेमोग्राफी मिशन की शुरू करेगी. घुसपैठियों की बढ़ती संख्या देश के लिए चिंता का सबब है. कहा कि सीमावर्ती इलाकों की डेमोग्राफी बदल रही है.

 


पीएम मोदी ने सभा में केंद्र सरकार के नये प्रस्तावित कानून के बारे में जानकारी दी कि इसके तहत  प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री अगर गंभीर आपराधिक आरोपों में 30 दिन से ज्यादा हिरासत में रहेंगे हैं तो पद से हटा दिये जायेंगे.  

 

 

पीएम मोदी ने कहा,  मेरा साफ मानना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को अगर अंजाम तक पहुंचाना है तो कितना भी बड़ा नेता हो,  कार्यवाही के दायरे से बाहर नहीं होना चाहिए.

 

 
विपक्ष पर हल्ला बोलते हुए पीएम मोदी ने पूछा कि  क्या जेल से कोई सरकार चला सकता है? कहा कि राजद,   कांग्रेस, लेफ्ट वाले इस कानून का विरोध कर रहे हैं. वे लोग् बहुत गुस्से हैं. सब जानते हैं कि उन लोगों को किस बात का डर है.

 

 

 श्री मोदी ने कहा, राजद और कांग्रेस में कोई बेल पर बाहर है तो कोई रेल के खेल में कोर्ट के चक्कर काट रहा है. जो जमानत पर बाहर घूम रहे हैं वो आज इस कानून का विरोध कर रहे हैं. उन्हें लगता है कि अगर ये जेल गये तो उनके सारे सपने चकनाचूर हो जायेगे. इसलिए सुबह- शाम ये लोग मोदी को भांति-भांति की गाली दे रहे हैं.
 


 
पीएम मोदी ने कहा, आज अगर कई छोटा कर्मचारी 50 घंटे तक हिरासत में रख दिया जाये तो अपने आप वो सस्पेंड हो जाता है. ड्राइवर हो, चपरासी हो या कोई छोटा कर्मचारी, उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाती है. लेकिन अगर कोई सीएम है, मंत्री है, कोई प्रधानमंत्री है तो वो जेल में रहकर भी सत्ता का सुख पा सकता है. ये कैसे हो सकता है? 

 

 

उन्होंने केजरीवाल का नाम लिये बिना कहा कि उस समय कैसे जेल से ही फाइलों पर साइन हो रहे थे.  जेल से ही आदेश जारी किये जा रहे थे. पीएम  मोदी ने कहा, हमारा संविधान जन प्रतिनिधियों से ईमानदारी औऱ पारदर्शिता की उम्मीद रखता है.

 

 

हमारी एनडीए सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ एक नया कानून लायी है जिसके दायरे में देश का प्रधानमंत्री भी है. इस कानून की जद में मुख्यमंत्री और मंत्री भी शामिल किये गये हैं. जब कानून पास हो जायेगा,  तो प्रधानमंत्रीस मुख्यमंत्री या  मंत्री को गिरफ्तारी के 30 दिन के अंदर जमानत लेनी होगी, जमानत नहीं मिली तो 31वें दिन कुर्सी छोड़नी पड़ेगी. 

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