New Delhi : संसद के मॉनसून सत्र के शुभारंभ से पहले संसद परिसर में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, चाहे मॉनसून हो या मॉनसून सत्र अगर दोनों सक्रिय हों, तो वे बहुत उत्पादक साबित होते हैं. जब दोनों उत्पादक होते हैं, तो इससे देश का कल्याण और सभी जीवों का भला होता है.
इसलिए हम प्रार्थना करते हैं कि मॉनसून सक्रिय और उत्पादक बना रहे और मॉनसून सत्र भी उत्पादक साबित हो. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, मेरा मानना है कि जहां तथ्य और तर्क होते हैं, वहां व्यवधान की कोई गुंजाइश नहीं होती. अगर आपके तर्क मजबूत और तथ्य ठोस हों, तो आप शांति से भी अपनी बात प्रभावी ढंग से रख सकते हैं.
उनका इशारा विपक्ष की ओर था.उन्होंने कहा, हर आवाज को मौका मिलना चाहिए और हर विचार का सम्मान होना चाहिए. हमारी संसद की यही भूमिका है. मैं सभी सांसदों से सदन की कार्यवाही में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह करता हूं
अपनी बात रखते हुए पीएम मोदी ने कहा, पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने भारत जैसे देशों के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है, भारत ऊर्जा के लिए इस क्षेत्र पर निर्भर हैं. इस कारण पेट्रोल, डीज़ल, LPG, फर्टिलाइजर और केमिकल की सप्लाई में रुकावट आ रही है. मुश्किलें पैदा हुई हैं.
पीएम ने कहा कि इन सभी चुनौतियों के बावजूद, भारत 7.7 प्रतिशत की दर से विकास करता रहा है. इस कारण यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, कहा कि यह भारत की मजबूती को दर्शाता है. यह ऊंचाइयों को छूने के लिए देश के संकल्प और उत्साह को दिखाता है.
पीएम ने कहा, सरकार द्वारा शुरू किये गये सुधारों ने युवाओं को सराहनीय कदम उठाने का साहस दिया है. हमारे देश के युवाओं की क्षमता और आकांक्षाएं अंतरिक्ष की तरह ही असीम हैं. देश के लिए इससे बड़ी प्रेरणा का कोई स्रोत नहीं हो सकता. देश अब रिफॉर्म एक्सप्रेस पर आगे बढ़ रहा है.
पीएम ने कहा, पिछले एक महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं. देशवासी गर्व से भर जायें इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है. पीएम ने कहा, पिछले एक माह में देश ने अनेक सिद्धियां हासिल की हैं. इस प्रकार की सिद्धियों पाने का सिलसिला चल पड़ा है कि देशवासी गर्व से भर जायें.
पीएम ने कहा, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बात हो, या फिर अब अंतरिक्ष की बात हो. ये भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं. आज हम अंतरिक्ष के क्षेत्र की भी बात कर सकते हैं. पीएम ने कहा, पिछले साल मॉनसून सत्र से ठीक पहले,एक भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर थे. पीएम ने कहा, दो दिन पूर्व भारत के युवाओं के नेतृत्व वाले एक स्टार्ट-अप ने अहम उपलब्धि हासिल की है. ऐसी उपलब्धि बहुत कम देशों को मिली है.
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