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पीएम मोदी ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से बात की, पूछा, अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है, जवाब मिला, बहुत भव्य

पीएम ने कहा,  अभी सिर्फ हम दोनों बात कर रहे हैं, लेकिन 140 करोड़ भारतीयों की भावनाएं मेरे साथ हैं. मैं आपको अंतरिक्ष में हमारा झंडा फहराने के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं. पीएम ने पूछा कि क्या वहां सब ठीक है? क्या आप ठीक हैं?
 

 New Delhi : प्रधानमंत्री मोदी ने आज शनिवार शाम अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर मौजूद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से बातचीत की. पीएम  मोदी ने शुभांशु से पूछा कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है?   शुभांशु शुक्ला का जवाब था, जब पहली बार अंतरिक्ष से भारत को देखा तो भारत बहुत भव्य दिखता है. कहा कि यह मैप में देखने से बहुत बड़ा है. अंतरिक्ष से ऐसा लगता है कि पूरी पृथ्वी अपनी है और कहीं पर कोई बॉर्डर नहीं है. 

 

 

 

पीएम मोदी ने शुभांशु शुक्ला से कहा कि आज आप हमारी मातृभूमि से दूर हैं, लेकिन आप भारतीयों के दिलों के सबसे करीब हैं. आपके नाम में भी शुभ है और आपकी यात्रा नये युग का शुभारंभ भी है. 

 


पीएम ने कहा,  अभी सिर्फ हम दोनों बात कर रहे हैं, लेकिन 140 करोड़ भारतीयों की भावनाएं मेरे साथ हैं. मैं आपको अंतरिक्ष में हमारा झंडा फहराने के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं. पीएम ने पूछा कि क्या वहां सब ठीक है? क्या आप ठीक हैं?

 

  शुभांशु शुक्ला ने जवाब दिया, पीएम मोदी, आपकी और 140 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद. मैं यहां ठीक और सुरक्षित हूं. मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. यह एक नया अनुभव है. यह यात्रा सिर्फ मेरी नहीं बल्कि पूरे देश की यात्रा है. शुभांशु शुक्ला ने कहा, आपके नेतृत्व में आज का भारत अपने सपनों को पूरा करने के लिए कई अवसर प्रदान करता है. मैं यहां भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं.'

 

 
बातचीत के क्रम में पीएम मोदी ने ग्रुप कैप्टन से कहा कि परिक्रमा करना भारत की सदियों पुरानी परंपरा है. आपको  पृथ्वी माता की परिक्रमा का सौभाग्य मिला है. पीएम मोदी ने कहा, शुभांशु, चंद्रयान की सफलता के बाद देश के बच्चों और युवाओं में विज्ञान को लेकर एक नयी रुचि पैदा हुई. अंतरिक्ष को एक्सप्लोर करने का जज्बा बढ़ा. आपकी  ऐतिहासिक यात्रा उस संकल्प को और मजबूती दे रही है.  

 


 पीएम मोदी ने शुभांशु से जब अंतरिक्ष की परिस्थितियों के बारे में पूछा, तो शुभांशु शुक्ला ने कहा, 'यहां सब कुछ अलग है. हमने एक साल तक ट्रेनिंग की और अलग-अलग सिस्टम के बारे में सीखा. लेकिन यहां आने के बाद सब कुछ बदल गया. अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण नहीं है. यहां सोना एक बड़ी चुनौती है. इस माहौल में ढलने में थोड़ा समय लगता है.

 


बता दें कि शुभांशु शुक्ला 25 जून को नासा के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान से एकसिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा शुरू की. 41 वर्षों के बाद शुभांशु शुक्ला पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं,  जो आईएसएस पर पहुंचे. राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले वह दूसरे भारतीय हैं. जानकारी के अनुसार आईएसएस पर अपने 14 दिन के प्रवास के दौरान शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम लगभग 60 वैज्ञानिक प्रयोग करेगी.    

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