कश्मीर के कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों ने पांच विदेशी आतंकवादियों को मार गिराया)
यूएन महासभा के मंच से ही मोदी ने योग दिवस के वार्षिक आयोजन का रखा था प्रस्ताव
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने नौ साल पहले पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के वार्षिक आयोजन का प्रस्ताव रखा था. उसके बाद यह पहली बार होगा, जब वह संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में योग सत्र का नेतृत्व करेंगे. यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक दिन होगा. इस ऐतिहासिक योग सत्र में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों, राजदूतों, दूतों, सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ वैश्विक और प्रवासी समुदाय के प्रमुख सदस्यों के भाग ले सकते हैं. योग सत्र में उपस्थित लोगों और अतिथियों को योग के अनुकूल कपड़े पहनने के लिए प्रोत्साहित किया गया है. इसे भी पढ़ें : तेजी">https://lagatar.in/rapidly-shrinking-rivers-and-ponds/">तेजीसे सिमट रहे नदी-तालाब
मन और शरीर, विचार और क्रिया की एकता का प्रतीक है योग
‘योग’ संस्कृत का शब्द है. जिसका अर्थ जुड़ना या एकजुट होना है. योग शरीर और चेतना के मिलन का प्रतीक है. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने महासभा के 69वें सत्र के उद्घाटन के दौरान अपने संबोधन में रखा था. उन्होंने कहा था कि योग हमारी प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है. योग मन और शरीर, विचार और क्रिया की एकता का प्रतीक है... एक समग्र दृष्टिकोण (जो) हमारे स्वास्थ्य और आरोग्य के लिए मूल्यवान है. योग केवल व्यायाम के बारे में नहीं है, यह अपने आप में विश्व और प्रकृति के साथ एकता की भावना को खोजने का एक तरीका है. इसे भी पढ़ें : गुजरात">https://lagatar.in/after-gujarat-now-cyclonic-storm-biparjoy-is-going-to-knock-in-rajasthan-winds-will-run-at-a-speed-of-60-70-kmph/">गुजरातके बाद अब राजस्थान में दस्तक देने चला चक्रवाती तूफान बिपरजॉय, 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं [wpse_comments_template]
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