New Delhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में महिला आरक्षण संशोधन बिल पास नहीं होने को लेकर विपक्षी पार्टियों पर हल्ला बोला. अब विपक्ष ने पीएम मोदी पर पलटवार किया है.

CPI के राज्यसभा सांसद पी संदोष कुमार ने पीएम के राष्ट्र के नाम संबोधन के खिलाफ चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है. सीपीआई सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि पीएम ने राजनीतिक मकसद से राष्ट्र को संबोधित किया.
सीपीआई ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करार देते गुए है.इस मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है भाकपा नेता ने निर्वाचन आयोग से इस संबंध में तुरंत दखल देने की गुहार लगाई है.
संदोष कुमार ने 19 अप्रैल को लिखे अपने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री का संबोधन ऐसे समय में हुआ जब पांच राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू है. संदोष कुमार ने लिखा है कि प्रधानमंत्री के संबोधन की प्रकृति राजनीतिक थी.
उन्होंने महिला आरक्षण को लेकर पक्षपातपूर्ण दावे किये, जिनका उद्देश्य सक्रिय राजनीतिक विवाद के तहत एक मुद्दे पर जनमत को प्रभावित करना था.सीपीआई सांसद ने अपने पत्र में दूरदर्शन और संसद टीवी जैसे सार्वजनिक मंचों पर इस संबोधन का प्रसारण सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग है करार दिया है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें
Leave a Comment