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पीएम ने इंटरनेशनल लॉयर्स कॉन्फ्रेंस में कहा, खतरा ग्लोबल तो लड़ने का तरीका भी ग्लोबल होना चाहिए

New Delhi : पीएम नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली के विज्ञान भवन में CJI डीवाई चंद्रचूड़ की मौजूदगी में दो दिवसीय इंटरनेशनल लॉयर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया. इस अवसर पर पीएम ने वकीलों के समक्ष अपने विचार ऱखते हुए कहा कि जब खतरा ग्लोबल हो तो लड़ने का तरीका भी ग्लोबल होना चाहिए.     ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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बार काउंसिल ऑफ इंडिया के बैनर तले आयोजित लॉयर्स कॉन्फ्रेंस का विषय न्याय वितरण प्रणाली में उभरती चुनौतियां है. कॉन्फ्रेंस में लॉर्ड चांसलर ऑफ इंग्लैंड और बार एसोसिएशन ऑफ इंग्लैंड के डेलीगेट्स भी शिरकत कर रहे हैं.

कॉन्फ्रेंस में UK, कॉमनवेल्थ, अफ्रीकी देशों के डेलिगेट्स भाग ले रहे हैं

पीएम मोदी ने कहा कि दुनियाभर की लीगल फेटरनिटी के दिग्गज लोगों से मिलना, उनका दर्शन करना मेरे लिए एक सुखद अनुभव है. कहा कि भारत के कोने-कोने से यहां लोग आये हुए हैं. कॉन्फ्रेंस में UK, कॉमनवेल्थ और अफ्रीकी देशों के डेलिगेट्स भी भाग ले रहे हैं.

कानून को जटिल भाषा में बनाने का चलन रहा है

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार जितना संभव हो सके आसान तरीके से और भारतीय भाषाओं में कानून बनाने की दिशा में ईमानदारी से प्रयास कर रही है. कहा कि कानून लिखने और न्यायिक प्रक्रिया में जिस भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, वह न्याय सुनिश्चित करने में एक बड़ी भूमिका निभाती है. मोदी ने कहा कि कानून को जटिल भाषा में बनाने का चलन रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित देश बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है जिसके लिए उसे मजबूत और निष्पक्ष न्यायिक प्रणाली की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि भारत पर दुनिया के बढ़ते विश्वास में निष्पक्ष न्याय की एक बड़ी भूमिका है.

बार काउंसिल ऑफ इंडिया को आयोजन के लिए बधाई दी

कहा कि इंटरनेशनल लॉयर कॉन्फ्रेंस वसुधैव कुटुम्बकम की भारत की भावना का प्रतिबिंब नजर आ रही है. पीएम ने कार्यक्रम में दुनियाभर से आये गेस्ट्स का स्वागत करते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया को आयोजन के लिए बधाई दी. पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश के निर्माण में वहां की लीगल फैटरनिटी की बहुत बड़ी भूमिका होती है. ज्यूडिशियरी और बार की तारीफ करते हुए कहा कि ये देश की न्याय व्यवस्था के संरक्षक रहे हैं.

वकीलों ने  वकालत छोड़कर राष्ट्रीय आंदोलन का रास्ता चुना

आजादी के 75 साल पूरे होने की याद दिलाते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में लीगल प्रोफेशनल्स की बहुत बड़ी भूमिका रही है. अनेक वकीलों ने चलती हुई वकालत छोड़कर राष्ट्रीय आंदोलन का रास्ता चुना था. पीएम ने महात्मा गांधी, बाबा साहब अंबेडकर, देश के प्रथा राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल, लोकमान्य तिलक, वीर सावरकर को याद करते हुए कहा कि महान व्यक्तित्व वाले ये सभी वकील ही थे. [wpse_comments_template]

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