NewDelhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनवरी में पंजाब यात्रा के दौरान हुई सुरक्षा चूक के लिए फिरोजपुर के एसएसपी जिम्मेवार है. बता दें कि पीएम सुरक्षा चूक मामले की जांच करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति ने कहा है कि फिरोजपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पर्याप्त बल उपलब्ध होने के बावजूद अपने कर्तव्य का निर्वहन करने में विफल रहे. समिति ने अपनी रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि एक निगरानी समिति होनी चाहिए जो प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगे पुलिस अधिकारियों के लिए संवेदनशीलता एवं सुरक्षा पाठ्यक्रम तथा ब्लू बुक की समय समय पर समीक्षा करे और उसे अद्यतन करे. जान लें कि ब्लू बुक सुरक्षा से संबंधित दिशानिर्देशों का एक दस्तावेज होती है, जिसमें अति विशिष्ट लोगों (वीवीआईपी) की सुरक्षा को लेकर पालन किये जाने वाले नियमों का ब्यौरा होता है. ब्लू बुक में राज्य के अधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के वास्ते अपनायी जाने वाली एक स्पष्ट और विस्तृत प्रक्रिया होती है.
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— ANI (@ANI) August">https://twitter.com/ANI/status/1562677501003849728?ref_src=twsrc%5Etfw">August
25, 2022
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समिति ने SC को बताया कि एसएसपी के पास पर्याप्त समय था
पांच सदस्यीय समिति ने SC को बताया कि एसएसपी के पास पर्याप्त समय था, उसके बाद पंजाब के तत्कालीन अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजीपी) जी नागेश्वर राव ने उन्हें सूचित किया कि प्रधानमंत्री आकस्मिक मार्ग से जायेंगे. लेकिन वह उनके निर्देश पर कार्रवाई करने में विफल रहे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह SC की पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय समिति की रिपोर्ट उचित कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के पास भेजेगा. इसे भी पढ़ें : ट्विटर">https://lagatar.in/cm-hemant-hamara-abhiyan-ran-on-twitter-jmm-asked-should-the-election-commission-be-named-bjp-commission/">ट्विटरपर चला #सीएम हेमंत हमारा अभिमान, JMM ने पूछा- चुनाव आयोग का नाम क्या भाजपा आयोग करना चाहिए?
दो घंटे पहले सूचित किया गया था कि पीएम उस मार्ग से गुजरेंगे
CJI एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने समिति की रिपोर्ट को पढ़ते हुए कहा, फिरोजपुर के एसएसपी अवनीत हंस कानून-व्यवस्था बनाये रखने के अपने कर्तव्य का निर्वहन करने में विफल रहे. पर्याप्त बल उपलब्ध होने के बावजूद और प्रधानमंत्री के मार्ग पर प्रवेश की सूचना दो घंटे पहले देने के बावजूद वह ऐसा करने में विफल रहे. पीठ ने कहा, पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध होने के बावजूद वह ऐसा करने में विफल रहे जबकि उन्हें दो घंटे पहले सूचित किया गया था कि प्रधानमंत्री उस मार्ग से गुजरेंगे. समिति ने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कुछ उपचारात्मक उपायों की भी पहचान की है. इसे भी पढ़ें : सुप्रीम">https://lagatar.in/supreme-court-issues-notice-to-gujarat-government-for-the-release-of-convicts-in-bilkis-bano-case/">सुप्रीमकोर्ट ने बिलकिस बानो केस के दोषियों की रिहाई को लेकर गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया
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