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जयपाल सिंह मुंडा एवं कांशीराम को भी पीएम दें भारत रत्न : विजय शंकर नायक

Ranchi : संपूर्ण भारत क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव झारखंड छत्तीसगढ़ प्रभारी विजय शंकर नायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा एवं कांशीराम को भी भारत रत्न देने की मांग की है. श्री नायक ने कहा कि 03 जनवरी 1903 को जन्मे मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा भारतीय आदिवासियों और झारखंड आंदोलन के एक सर्वोच्च नेता थे. साथ ही साथ एक जाने माने राजनीतिक ,पत्रकार, लेखक, संपादक शिक्षाविद और 1925 में ऑक्सफोर्ड ब्लू का खिताब पाने वाले हॉकी के एकमात्र पहले भारतीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी थे. उनकी कप्तानी में 1928 के ओलंपिक में भारत ने पहला स्वर्ण पदक प्राप्त किया था. श्री जयपाल सिंह मुंडा औपनिवेशिक भारत में  सर्वोच्च सरकारी पद पर थे. श्री नायक  ने अपने  भेजे गये पत्र  में आगे कहा कि इसी तरह कांशीराम एक भारतीय राजनीतिक और सच्चे समाज सुधारक थे. जिनका जन्म पंजाब में 15 मार्च 1934 को हुआ था. वह पुणे में विस्फोटक अनुसंधान कार्यालय में कार्यरत थे. वे जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए 1964 में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के दर्शन से प्रभावित होकर वह एक दलित कार्यकर्ता बनकर कार्य करने लगे और 1971 में अखिल भारतीय एससी-एसटी ओबीसी और अल्पसंख्यक कर्मचारी संघ की स्थापना की जो बाद में चलकर बामसेफ बना. इसके बाद कांशीराम ने 1981 में एक और सामाजिक संगठन बनाया, जिसे दलित शोषित समाज संघर्ष समिति (डीएसएसएस) या bs4 के नाम से जाना जाता है. 1984 में इन्होंने बहुजन समाज पार्टी के स्थापना की. उनका जीवन दलित शोषित समाज के लिए समर्पित रहा. ऐसे में उनके समाज सुधार जैसे कार्यों को देखते हुए भारत सरकार के द्वारा उन्हें भारत रत्न देकर उनके किए गए कार्यों को सम्मान दिया जाना चाहिए. इसे भी पढ़ें :  लोकसभा">https://lagatar.in/discussion-on-ram-temple-in-lok-sabha-shah-said-january-22-is-historic-those-who-do-not-know-their-history-lose-their-identity/">लोकसभा

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