Ranchi: झारखंड में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की ओर चलाये जा रहे प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के आंकड़ों में बड़ा हेरफेर है. केंद्र का डाटा कुछ और है, राज्य सरकार का डाटा कुछ और निदेशालय का डेटा उससे भी अलग. केंद्र सरकार की वेबसाइट कहती है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत झारखंड में 2015 से 2023 तक कुल 229516 आवास सेंक्शन हुए हैं, जबकि झारखंड के नगर विकास विभाग की वेबसाइट के मुताबिक 215242 आवास ही सेंक्शन हुए हैं. उधर झारखंड नगरीय प्रशासन निदेशालय (डीएमए) की वेबसाइट की मानें तो राज्य में 231059 आवास स्वीकृत हुए हैं. इन तीनों विभागों में सिर्फ आवास अलॉटमेंट के ही आंकड़े अलग नहीं बल्कि आवास कंप्लीट होने और लंबित आवासों की संख्या में भी भारी हेरफेर है.
5 महीने पहले खत्म एजेंसी का टर्म खत्म हुआ, डीएमए ने अबतक नहीं हायर की नई एजेंसी
केंद्र सरकार का साफ निर्देश है कि सभी राज्यों को प्रधानमंत्री आवास योजना में पूरी पारदर्शिता रखनी है और हर डेवलपमेंट और जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करना है. कुछ महीने पहले तक यह नियमित रूप से चला भी, लेकिन फिर अचानक यह प्रक्रिया बंद कर दी गई. इसके बाद निदेशालय ने इसपर ध्यान नहीं दिया. नगरीय प्रशासन निदेशालय के एक पदाधिकारी ने बताया कि जिस एजेंसी को वेबसाइट अपडेट करने का काम दिया गया था 5 महीने पहले उसका टर्म खत्म हो गया है. अब विभाग के ही कर्मचारी बीच-बीच में वेबसाइट अपडेट करते हैं. अगले हफ्ते में निदेशालय की टेक्निकल टीम वेबसाइट को नियमित रूप से अपडेट करने का काम करेगी. केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, नगर विकास विभाग और डीएमए का आंकड़ा
आवास केंद्र सरकार नगर विकास विभाग डीएमए सेंक्शन आवासों की संख्या 229156 215242 231059 कंप्लीट आवासों की संख्या 126613 94661 89008 ग्राउंडेड आवासों की संख्या 211421 120581 77624 [wpse_comments_template]
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