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राज्यसभा में PM ने कहा, गांधी परिवार को नेहरू सरनेम रखने से शर्मिंदगी क्यों

  • राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री का जवाब
NewDelhi :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब दिया. विपक्ष के नारेबाजी के बीच 90 मिनट के भाषण में कहा- मैंने किसी अखबार में पढ़ा था. 600 सरकारी योजनाएं सिर्फ गांधी-नेहरू के नाम पर हैं. किसी कार्यक्रम में अगर नेहरू जी के नाम का उल्लेख नहीं हुआ, तो कुछ लोगों के बाल खड़े हो जाते हैं. खून गर्म हो जाता है. मैं बहुत आर्श्चयचकित हूं, ये समझ नहीं आता कि उनकी पीढ़ी का कोई व्यक्ति नेहरू सरनेम रखने से क्यों डरता है. क्या शर्मिंदगी है. इतना महान व्यक्तित्व अगर आपको, परिवार को मंजूर नहीं.. हमारा हिसाब मांगते रहते हो.

कांग्रेस ने 90 बार चुनी हुई राज्य सरकारें गिराईं

मोदी बोले- जो विपक्ष में बैठे हैं, उन्होंने राज्यों के अधिकारों की धज्जियां उड़ा दीं. कौन सत्ता में थे, कौन पार्टी थी, जिन्होंने आर्टिकल 357 का इस्तेमाल किया. 90 बार चुनी हुई सरकारों को गिरा दिया. कौन है वो. किन्होंने ये किया. इतना ही नहीं एक प्रधानमंत्री ने आर्टिकल 356 का 50 बार उपयोग किया. वो हैं इंदिरा गांधी. 50 बार सरकारों को गिरा दिया. केरल में जो आज इनके साथ खड़े हैं. वामपंथी सरकार थी, जिसे नेहरू जी पसंद नहीं करते थे और उसे गिरा दिया. तमिलनाडु में MGR और करुणानिधि जैसे दिग्गजों की सरकारों को भी इन्हीं कांग्रेस वालों ने बर्बाद कर दिया. MGR की आत्मा देखती होगी कि आप कहां खड़े हो.

शरद पवार की सरकार भी गिरा दी थी

यहां पीछे सदन के वरिष्ठ सदस्य हैं, श्रीमान शरद पवार. जब 35-40 साल की उम्र में ये मुख्यमंत्री बने तो उनकी सरकार को भी गिरा दिया गया. आज वे भी वहां हैं. कुछ लोगों ने नाम और कपड़े बदले होंगे ज्योतिषियों की सलाह पर. NTR हेल्थ के लिए अमेरिका गए थे और इन लोगों ने उनकी सरकार को गिराने का प्रयास किया. ये कांग्रेस की राजनीति का कद था.

कांग्रेस ने राजभवनों को पार्टी दफ्तर बनाया

राजभवनों को कांग्रेस का दफ्तर बना दिया गया था. 2005 में झारखंड में एनडीए के पास ज्यादा सीटें थीं, लेकिन गवर्नर ने यूपीए को बुलाया था. 1982 में भाजपा और देवीलाल का प्री-पोल एग्रीमेंट था, गवर्नर ने कांग्रेस को बुलाया था. आज ये देश को गुमराह कर रहे हैं.

जितना कीचड़ उछालोगे, कमल उतना ही ज्यादा खिलेगा

पीएम मोदी ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण सदन में कुछ लोगों की वाणी देश को निराश कर रही है. कीचड़ उसके पास था, मेरे पास गुलाल है. जो भी जिसके पास था उसने उछाल दिया. जितना कीचड़ उछालोगे उतना ही कमल खिलेगा. कमल खिलाने में आपका योगदान है. इसके लिए मैं उनका भी आभार व्यक्त करता हूं. (पढ़ें, मौसम">https://lagatar.in/weather-update-cold-in-the-morning-and-evening-heat-in-the-afternoon-now-mercury-will-rise/">मौसम

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पीएम मोदी ने गिनाई योजनाएं

2014 से पहले जब उनकी सरकार थी, तब एलोकेशन 20-25 हजार करोड़ रुपये के आसपास रहता था. हमने इस साल 1 लाख 20 हजार करोड़ का प्रावधान किया है. हमने बीते 9 सालों में आदिवासी, जनजातीय भाइयों, बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए 500 नए एकलव्य मॉडल स्कूल पास किए हैं. ये चार गुना ज्यादा बढ़ोतरी है. स्कूलों में हमने 38 हजार लोगों की भर्तियों का प्रावधान किया है. मोदी ने कहा कि आदिवासियों की भावनाओं के साथ खेलने के बजाए अगर कुछ किया होता तो मुझे इतनी मेहनत करनी नहीं होती. ये काम पहले हो सकता था, लेकिन ये उनकी प्राथमिकता में नहीं था.

देश में शुभ अवसर देखने को मिला

बजट सत्र के लिए गर्व की बात है. बजट सत्र का प्रारंभ महिला राष्ट्रपति के द्वारा होता है. बजट सत्र का विधिवत प्रारंभ महिला वित्त मंत्री के द्वारा होता है. देश में ऐसा संयोग पहले कभी नहीं आया. हमारा प्रयास रहेगा कि ऐसे शुभ अवसर आगे भी देखने को मिले.

6 दशक में कांग्रेस ने गड्डे ही गड्डे कर दिये

पीएम मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस पर निशाना साधा. पीएम ने कहा कि कांग्रेस 6 दशक में जब गड्डे खोद रहा था, तब दुनिया के छोटे छोटे देश भी आगे बढ़ रहे थे. हो सकता है उनका इरादा मजबूत नींव बनाने का हो. लेकिन 2014 के बाद मैंने देखा कि उन्होंने गड्डे ही गड्डे कर दिये थे. इरादे नेक थे, लेकिन काम नहीं. यह सदन राज्यों का सदन है. बीते दशकों में अनेक बुद्धिजीवियों ने सदन से देश को दिशा दी. सदन में ऐसे लोग भी बैठे हैं, जिन्होंने अपने जीवन में कई सिद्धियां प्राप्त की है. सदन में होने वाली बातों को देश गंभीरता से सुनता और लेता है.

बीजेपी सरकार की पहचान पुरुषार्थ के कारण बनी

पीएम ने कहा कि आज हम एक-एक विषय को लेकर भाग नहीं रहे, बल्कि एक-एक समस्याओं पर ध्यान देकर हम लोग आगे बढ़ रहे हैं. हमारी सरकार की पहचान पुरुषार्थ के कारण बनी है. पंचायत से पार्लियामेंट तक दुनिया उनकी थी. लेकिन एक भी चुनौती का समाधान ढूंढने का ना उन्होंने सोचा. ना सुलझाने का प्रयास किया.

बीजेपी ने 9 साल में 48 करोड़ जन धन बैंक खाते खोले

पीएम मोदी ने बीजेपी के 9 साल के काम गिनवाये. उन्होंने कहा कि 9 साल में भाजपा ने 48 करोड़ जन धन बैंक खाते खोले. पहले 3 करोड़ लोगों को नल से जल मिलता था. अब 12 करोड़ लोगों को नल से जल मिल रहा है. देश के किसी गांव में हमने पानी पहुंचाया तो हफ्ते भर जश्न होता है. हम देश की मूलभूत समस्याओं का परमानेंट हल करने के संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहे हैं. हमने जल समस्या, जल संरक्षण समेत हर पहलू पर ध्यान दिया.

खरगे पर हमलावर हुए पीएम मोदी  

पीएम ने कहा कि कल खरगे जी शिकायत कर रहे थे कि मोदी जी बार-बार मेरे चुनावी क्षेत्र में आते हैं. मैं उन्हें कहना चाहता हूं मैं आता हूं, वो तो आपने देखा. लेकिन आप यह भी देखें कि वहां 1 करोड़ 70 लाख जनधन बैंक अकाउंट खुले हैं. सिर्फ कलबुर्गी में ही 8 लाख से ज्यादा जनधन खाते खुले हैं. मल्लिकार्जुन खड़गे की पीड़ा मैं समझ सकता हूं. आप दलित की बात करते हैं. यह भी देखें कि उसी जगह दलित को चुनाव में जीत भी मिली. अब आपको जनता ही नकार दे रही है तो आप उसका रोना यहां रो रहे हैं.

25 करोड़ परिवारों तक गैस कनेक्शन और 18,000 गांव में बिजली पहुंचायी-पीएम

पीएम मोदी ने आगे कहा कि जब कोई भी सरकार में आता है तो वह देश के लिए कुछ वादा करके आता है. केवल भावनाएं व्यक्त करने से बात नहीं बनती है. विकास की गति क्या है, विकास की नींव, दिशा, प्रयास और परिणाम क्या है, यह बहुत मायेने रखता है. हमारी प्राथमिकता हमारे देश के नागरिक थे. इसलिए हमने 25 करोड़ से ज्यादा परिवारों तक गैस कनेक्शन पहुंचाया. 18,000 से ज्यादा गांव ऐसे थे, जहां बिजली नहीं पहुंची थी. समयसीमा के साथ हमने 18,000 गांव में बिजली पहुंचायी.

कांग्रेस को देश बार-बार नकार रही, फिर भी वे साजिशों से बाज नहीं आ रहे

पीएम ने कहा कि हमने सैचुरेशन का रास्ता चुना. शत प्रतिशत लाभार्थी को लाभ पहुंचे, सरकार इस राह पर काम कर रही है.  सैचुरेशन का मतलब होता है कि भेदभाव की सारी गुंजाइश खत्म करना.  यह तुष्टीकरण की आशंकाओं को खत्म कर देता है. कांग्रेस को बार-बार देश नकार रही है. लेकिन कांग्रेस और उसके साथी अपनी साजिशों से बाज नहीं आ रही है. लेकिन जनता इसे देख रही है और उनको हर मौके पर सजा भी दे रही है.

शेड्यूल ट्राइब कंपोनेंट फंड में 5 गुना हुई वृद्धि

पीएम मोदी ने कहा कि 110 ऐसे आकांक्षी जिले जहां बहुल संख्या आदिवासी की है, उन्हें योजनाओं का सीधा लाभ मिला है. यहां के शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस किया गया. बजट में शेड्यूल ट्राइब कंपोनेंट फंड के तहत 2014 के पहले की तुलना में 5 गुना अधिक वृद्धि हुई है.

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