NewDelhi : राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता बीते कुछ दिनों से ‘बेहद खराब’ स्तर पर है. हालांकि रविवार की तुलना में आज सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में थोड़ा सुधार हुआ है. केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, आज सुबह दिल्ली का दिल्ली का औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक 330 दर्ज किया गया है. वहीं राजधानी के 13 इलाकों में एक्यूआई 350 के पार चला गया है. दिल्ली के बवाना में हवा की गुणवत्ता बेहद खतरनाक श्रेणी में है. यहां अधिकतम एक्यूआई 380 दर्ज किया गया है. वहीं पीजीडीएवी कॉलेज के इलाके में एक्यूआई पांच दर्ज किया गया है, जो कि सबसे कम है. धूल प्रदूषण को कम करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में पीडब्लूडी वाहन पानी का छिड़काव कर रहे हैं. यमुना नदी की सतह पर जहरीली झाग की परत देखने को मिल रही है.
https://twitter.com/AHindinews/status/1850745199770968261 बवाना की हवा की गुणवत्ता सबसे खराब
राजधानी के 13 इलाकों में वायु की गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ स्तर पर है. बवाना में एक्यूआई 380 दर्ज किया गया है. वहीं जहांगीरपुरी में एक्यूआई 370, मुंडका में 367, सोनिया बिहार में 366, नेहरू नगर में 362, अशोक विहार में 361, आनंद विहार में 358, बुराड़ी में 364, मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में 350, मुंडका में 367, नेहरू नगर में 359, आरके पुरम में 362, रोहिणी में 357, सोनिया विहार में 366, विवेक विहार में 356 और वजीरपुर में 362 दर्ज किया गया है. दिल्ली से सटे गाजियाबाद के कुछ हिस्सों में स्मॉग की परत देखने को मिल रही है. सूर्य नगर में अधिकतम एक्यूआई 236 दर्ज किया गया है.
दिवाली के बाद से हालात और बिगड़ने की आशंका
दिल्ली में वायु गुणवत्ता खराब होने के कारण आम जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है. लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक स्थिति बनी हुई है. बुजुर्ग और बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है. साथ ही कई समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली का दैनिक औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स अगले कुछ दिनों में ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहने की संभावना है. वहीं दिवाली के बाद से हालात और बिगड़ने की आशंका है. दिल्ली की हवा खराब होने के पीछे का कारण मौसम और जलवायु संबंधी प्रतिकूल परिस्थितियां हैं.
वायु की गुणवत्ता खराब होने से सांस लेने में होती है दिक्कत
बता दें कि शून्य से 50 के बीच AQI अच्छा, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच AQI ‘गंभीर’ माना जाता है. वायु प्रदूषण बढ़ने से लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित होता है. वहीं मरीजों को और भी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वायु की गुणवत्ता के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है. एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 से अधिक होने पर फेफड़ों, अस्थमा और हृदय रोगों जैसी बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है.
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