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Jerusalem : अल-अक्सा मस्जिद में पुलिस और फिलिस्तीनियों के बीच संघर्ष, 117 घायल

Jerusalem : यरुशलम में प्रमुख पवित्र स्थल अल-अक्सा मस्जिद में आज जुमे की नमाज से पहले इजराइली पुलिस और फलस्तीनियों के बीच हुए संघर्ष में कम से कम  117  फिलिस्तीनियों के घायल होने की खबर है. अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हिंसा किस कारण से हुई.  मस्जिद का प्रशासनिक कार्य संभालने वाली एक इस्लामी संस्था ने कहा कि इजराइली पुलिस ने तड़के की नमाज के तुरंत बाद उस समय मस्जिद में प्रवेश किया, जब हजारों लोग वहां मौजूद थे. इस घटना के कुछ वीडियो भी सामने आये हैं. इसमें फिलिस्तीनियों को पत्थर फेंकते हुए और पुलिस को आंसू गैस के गोले दागते हुए देखा गया है. हालांकि इस्त्राइली अधिकारियों की ओर से अभी तक घटना के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की गयी है. इसे भी पढ़ें : मेघालय">https://lagatar.in/meghalaya-cyclone-caused-huge-destruction-damage-to-more-than-1000-houses-in-47-villages/">मेघालय

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यहूदी इसे टेंपल माउंट कहते हैं

पैलेस्टीनियन रेड क्रेसेंट आपात सेवा ने बताया कि उसने 20 घायलों को अस्पताल पहुंचाया. फलस्तीनी संस्था ने कहा कि स्थल पर मौजूद एक सुरक्षाकर्मी की आंख में रबड़ की गोली लगी. बता दें कि यह मस्जिद मक्का और मदीना के बाद इस्लाम में तीसरा सबसे पवित्र स्थल है, यह एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है जो यहूदियों के लिए सबसे पवित्र स्थल है. यहूदी इसे टेंपल माउंट कहते हैं. यह इजराइल-फलस्तीनी हिंसा का दशकों से एक प्रमुख बिंदु रहा है. इसे भी पढ़ें : जेएनयू">https://lagatar.in/new-chapter-added-to-jnu-controversy-hindu-sena-waved-saffron-flag-at-the-main-gate-pasted-saffron-jnu-poster/">जेएनयू

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  प्रदर्शनों और झड़पों के बाद  11-दिवसीय गाजा युद्ध हुआ था

फलस्तीनियों के घातक हमले में इजराइल में 14 लोगों की मौत के बाद से हालिया सप्ताह में तनाव बढ़ गया है. इजराइल ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक से कई लोगों को गिरफ्तार किया है एवं वहां कई सैन्य अभियान चलाये हैं और इस दौरान हुए संघर्षों में कई फलस्तीनी मारे गये हैं. रमजान के पवित्र महीने के दौरान अल-अक्सा मस्जिद में जुमे की नमाज के लिए दसियों हजार फलस्तीनियों के एकत्र होने की संभावना थी. यरुशलम में पिछले साल रमजान के दौरान कई सप्ताह के विरोध प्रदर्शनों और झड़पों के बाद  11-दिवसीय गाजा युद्ध हुआ था.

यहूदी मंदिर करीब 3 52 ईसा पूर्व में बनाया गया

अल-अक्सा मस्जिद लंबे समय से विवादित रही है, यहूदियों का कहना है कि जिस जगह पर आज अल-अक्सा मस्जिद है वहां पर उनका कभी मंदिर था, जिसे मुसलमानों ने खंडित करके यहां पर अपना मस्जिद बना लिया। ऐतिहासिक तथ्यों की मानें तो 957 ई.पू साल पहले यहूदियों ने यरुशलम में अपना पहला यहूदी मंदिर का निर्माण करवाया था. इसके बाद उन्होंने अपना दूसरा यहूदी मंदिर  करीब 352 ईसा पूर्व में बनाया, जिसे रोमन साम्राज्य ने पहली सदी में तबाह कर दिया. इसे भी पढ़ें : 122">https://lagatar.in/adanis-wealth-reached-122-billion-wealth-increased-by-118-point-5-billion-in-7-years/">122

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सातवीं शताब्दी में यरुशलम पर मुस्लिम आक्रमण हुआ

सातवीं शताब्दी में यरुशलम पर मुस्लिम आक्रमण हुआ और मुस्लिमों ने उनके मंदिरों को खंडित कर दिया. यहूदियों के अनुसार उनके दूसरे मंदिर टेंपल माउंट, जिसका निर्माण उन्होंने चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में करवाया था. उस मंदिर को खंडित कर उसके ऊपर मुस्लिमों ने अपनी मस्जिद अल-अक्सा का निर्माण करवाया. इसी वजह से यहूदी लोग इस अल-अक्सा मस्जिद की पश्चिमी दीवार को पूजते हैं. इसी कारण से अल-अक्सा मस्जिद लंबे समय से विवाद का कारण बनी हुई है.   [wpse_comments_template]

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