अपराधियों पर पूरी तरह नकेल कसने की तैयारी में जुट गए हैं एसपी अरविंद कुमार सिंह ‘शुभम संदेश’ क्राइम कंट्रोल किसी भी तरह की सूचना पर चंद मिनटों में पहुंचेगी पुलिस लगातार कार्रवाई से माफिया और अपराधियों में हड़कंप Pramod Upadhyay Hazaribagh: जिले में नये पुलिस अधीक्षक के पदभार लेने के एक माह के अंदर अपराधियों, नशा कारोबारियों और खनन माफियाओं के विरूद्ध लगातार हो रही कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है. नए साल की शुरुआत में जिला में पुलिसिंग की कमान संभालनेवाले 2014 बैच के आईपीएस एसपी अरविंद कुमार सिंह हजारीबाग की आबोहवा से भलिभांती परिचित हैं. वह हजारीबाग में डीएसपी पद की ट्रेनिंग भी कर चुके हैं. वहीं, प्रशिक्षण के क्रम में कटकमसांडी थाना प्रभारी के रूप में भी योगदान दिया था. इस दौरान शहर से लेकर गांव तक की गलियों में भी वह घूम चुके हैं. तेज तर्रार व एक्टिव पुलिसिंग के कारण इन्हें वर्ष 2014 में आईपीएम कैडर में प्रोन्नति दी गई थी. वहीं, जिले में बतौर एसपी पदस्थापना के साथ ही जिले में हो रहे अपराध पर लगाम लगाते हुए अपराधियों की कार्यशैली पर कड़ी नजर रखे हुए हैं. पैंथर मोबाइल फोर्स के माध्यम से अपराधियों पर अंकुश लगाने का उनका प्रयोग भी सफल हुआ. एक माह के अंदर ही जिले में चोरी और छिनतई की घटनाओं में काफी कमी आई है. अब कंट्रोल रूम और पेट्रोलिंग टीम को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इन सभी बिंदुओं को लेकर एसपी ने ‘शुभम संदेश के संवाददाता से खास बातचीत की. इसे भी पढ़ें-16">https://lagatar.in/congress-supported-bharat-bandh-of-16th-february/">16
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: मुख्यमंत्री चंपई सोरेन से मिले पुरेंद्र, लिया आशीर्वाद सवाल : पीसीआर वाहन एक ही जगह घंटों खड़ी है, तो क्या करेंगे? जबाव : अगर कहीं पेट्रोलिंग वाहन की लोकेशन एक ही जगह पर घंटों से मिल रही है, तो उनके पीछे भी एक अलग से टीम होगी, जो पेट्रोलिंग वाहनों की मॉनिटरिंग करेगी. बेहतर परिणाम देने वाले पुलिस कर्मियों को रिवार्ड देकर प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि कार्य में शिथिलता बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी. सवाल : आम सूचना पर क्विक रिस्फांस के लिए क्या कदम उठाया जाएगा? जवाब : कहीं किसी प्रकार की घटना होने या घटना होने की आशंका की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर तुरंत पहुंचे, इसको लेकर विशेष तैयारी की जा रही है. अब लोग सीधे कंट्रोल रूम को सूचना देंगे और कंट्रोल रूम संबंधित क्षेत्र को लोकेट करते हुए उस क्षेत्र में भ्रमणशील पीसीआर टीम को जानकारी देगी और नजदीकी पीसीआर पुलिस टीम कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच जाएगी. अगर सूचना मिलने के बाद भी टीम मौके पर पहुंचने में देर करती है, तो जीपीएस से लैस पेट्रोलिंग वाहन और मुख्यालय से जुड़े सिस्टम के कारण उनकी गतिविधि भी पता चल जाएगा कि आखिर किस कारण मौके पर पहुंचने में देरी की गई. [wpse_comments_template]
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एसपी अरविंद कुमार से विशेष बातचीत के प्रमुख अंश
सवाल : जिले में क्राइम कंट्रोल के लिए क्या करने वाले हैं? जबाव : जिले में पहला प्रयोग पैंथर पुलिस के तौर पर किया, जो सफल रहा. अब इसका विस्तार करते हुए शहरी क्षेत्र के सभी थानाें में पांच-पांच पैंथर पुलिस टीम लगाई जाएगी. मतलब 10 जवानों की टीम होगी, जो पांच वाहनों में अपने-अपने क्षेत्र में राउंड लगाएगी. इसे और विस्तार करते हुए तीन शिफ्ट में विभक्त किया जाएगा, ताकि 24 थाना क्षेत्र में पैंथर पुलिस की गश्ती चलती रहे. शहर के सभी मार्गों में लगे कैमरों को कंट्रोल रूम से जोड़ा जा रहा है. वहीं, खराब हो चुके कैमरों को दुरुरूत या बदला जाएगा. 24 घंटे सातों दिन कंट्रोल रूम एक्टिव रहेगा. सवाल : आम जनता को पुलिस की सुलभ मदद के लिए क्या किया जाएगा ? जबाव : परेशानी के वक्त पीड़ित व्यक्ति कंट्रोल रूम के नंबर 8002529348 या फिर 100 नंबर डायल पर सीधे सूचना दे सकती है. कंट्रोल रूम उनकी लोकेशन को चिह्नित करेगा और हमारी पुलिस टीम कुछ ही मिनट में पीड़ित व्यक्ति के पास होगी. इस सिस्टम को लागू करने से महिलाएं और विद्यार्थी भी सुरक्षित महसूस करेंगे. सवाल : पीसीआर पेट्रोलिंग टीम द्वारा क्षेत्र भ्रमण की मॉनिटरिंग कैसे होगी? जबाव : पीसीआर टीम क्षेत्र में भ्रमण कर रही है या फिर कहीं खड़ी है, इसको लेकर बड़ी तैयारी की जा रही है. सभी पीसीआर पेट्रोलिंग वाहनों में जीपीएस लगाया जा रहा है. जीपीएस से लैस वाहनों का सीधा कनेक्शन पुलिस मुख्यालय और कंट्रोल रूम से जुड़ा होगा. उसी जीपीएस सिस्टम से संबंधित पुलिस अधिकारी व कर्मी का मोबाइल भी जुड़ा रहेगा. इससे उनकी एक्टिविटी की पल-पल की जानकारी कंट्रोल रूम और जिला पुलिस मुख्यालय को मिलती रहेगी. उनकी एक्टिविटी सिस्टम में फीड भी होती जाएगी, ताकि बाद में भी सर्च कर पिछला रिकॉर्ड देखा जा सके. इसे भी पढ़ें-आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-purendra-met-chief-minister-champion-soren-and-took-blessings/">आदित्यपुर: मुख्यमंत्री चंपई सोरेन से मिले पुरेंद्र, लिया आशीर्वाद सवाल : पीसीआर वाहन एक ही जगह घंटों खड़ी है, तो क्या करेंगे? जबाव : अगर कहीं पेट्रोलिंग वाहन की लोकेशन एक ही जगह पर घंटों से मिल रही है, तो उनके पीछे भी एक अलग से टीम होगी, जो पेट्रोलिंग वाहनों की मॉनिटरिंग करेगी. बेहतर परिणाम देने वाले पुलिस कर्मियों को रिवार्ड देकर प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि कार्य में शिथिलता बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी. सवाल : आम सूचना पर क्विक रिस्फांस के लिए क्या कदम उठाया जाएगा? जवाब : कहीं किसी प्रकार की घटना होने या घटना होने की आशंका की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर तुरंत पहुंचे, इसको लेकर विशेष तैयारी की जा रही है. अब लोग सीधे कंट्रोल रूम को सूचना देंगे और कंट्रोल रूम संबंधित क्षेत्र को लोकेट करते हुए उस क्षेत्र में भ्रमणशील पीसीआर टीम को जानकारी देगी और नजदीकी पीसीआर पुलिस टीम कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच जाएगी. अगर सूचना मिलने के बाद भी टीम मौके पर पहुंचने में देर करती है, तो जीपीएस से लैस पेट्रोलिंग वाहन और मुख्यालय से जुड़े सिस्टम के कारण उनकी गतिविधि भी पता चल जाएगा कि आखिर किस कारण मौके पर पहुंचने में देरी की गई. [wpse_comments_template]
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