Ranchi: राजकीय श्रावणी मेला 2026 को लेकर झारखंड पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारी की है. 29 जुलाई से 31 अगस्त तक चलने वाले श्रावणी मेले में लाखों श्रद्धालुओं के देवघर और दुमका पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए हैं.
श्रावणी मेले के दौरान पूरे मेला क्षेत्र, प्रमुख मंदिर परिसर, कांवरिया पथ और पार्किंग स्थलों पर सीसीटीवी और AI आधारित सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जाएगी. इसके लिए कंपोजिट कंट्रोल रूम स्थापित कर 24x7 मॉनिटरिंग की जाएगी. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थानों की पहचान कर सादे लिबास में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी.
पुलिस मुख्यालय ने असामाजिक तत्वों, जेबकतरों, अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है. इसके अलावा क्यूआरटी टीमों का गठन, विशेष शाखा के इंफॉर्मर और स्पॉटर की तैनाती के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया जाएगा.
श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए देवघर और दुमका में आने-जाने वाले मार्गों की लगातार समीक्षा की जाएगी. रूट लाइनिंग तैयार कर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती होगी. मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ एक जगह जमा नहीं हो, इसके लिए भीड़ को लगातार गतिमान रखने की व्यवस्था की जाएगी.
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुलिस सहायता केंद्र, महिला सहायता केंद्र, चाइल्ड हेल्प डेस्क और खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएंगे. इन केंद्रों को 24 घंटे सक्रिय रखा जाएगा. श्रद्धालुओं के ठहरने वाले स्थानों पर बिजली, पानी, महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय, वेंटिलेशन और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. महिलाओं के ठहरने वाले स्थानों पर पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की जाएगी.
श्रद्धालुओं के आने-जाने वाले मार्गों, प्रवेश स्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों और ठहरने वाले स्थानों पर बड़े बैनर और पंपलेट के माध्यम से रूट चार्ट और महत्वपूर्ण फोन नंबर प्रदर्शित किए जाएंगे. सभी महत्वपूर्ण स्थलों पर विद्युत सुरक्षा के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट लेने का भी निर्देश दिया गया है.
रेल यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर भी विशेष व्यवस्था की जाएगी. रेलवे स्टेशनों पर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक ठहराव की व्यवस्था की जाएगी. श्रद्धालुओं की ट्रेनों के निर्धारित प्लेटफॉर्म को अंतिम समय पर नहीं बदला जाएगा. रेलवे स्टेशनों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम और स्क्रीन के माध्यम से जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे.
प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कंटीजेंसी रूट प्लान और इवैक्यूएशन प्लान तैयार किया जाएगा. ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके. देवघर और दुमका में जगह-जगह मेडिकल कैंप और एंबुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी.
देवघर के चमराडीह वाटर प्लांट और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलजमाव तथा रेलवे क्रॉसिंग पर दुर्घटना की आशंका को देखते हुए डबल बैरिकेडिंग कराने का निर्देश दिया गया है. वहीं अस्थायी मेला और यातायात ओपी में पर्याप्त संख्या में वायरलेस सेट, बैटरी और चार्जर उपलब्ध कराए जाएंगे.
श्रावणी मेला 2026 के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को तैयारियां समय पर पूरी करने और दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
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