Ranchi: मैनुअल तरीके से पुलिस की बहाली होगी. इसे लेकर झारखंड गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है. जारी अधिसूचना के मुताबिक, पुलिस सेवा के लिए भर्ती पद्धति 2014 के नियम-7 (iii) से (vi) तक में बदलाव किये गए हैं. जो अब झारखंड राज्य पुलिस नियुक्ति (संशोधन) नियमावली 2024 कहलाएगा. इस बदलाव के बाद बिना तकनीक इस्तेमाल किये मैनुअल तरीके से पुलिस की बहाली का रास्ता साफ हो गया है. सिपाही भर्ती में पारदर्शिता लाने और धांधली रोकने के लिए तकनीक अपनाया गया था. डिजिटल तरीके से किसी भी तरह की गड़बड़ी और हर अभ्यर्थी की गतिविधि पर नजर रखे जाने के लिये तकनीक का इस्तेमाल किया जाता था. ताकि भर्ती प्रकिया में पारदर्शिता बरती जा सके. लेकिन इसमें बदलाव किया गया है. इसे पढ़ें- शाम">https://lagatar.in/evening-news-diary-12-march-2024-jharkhand-news-updates/">शाम
की न्यूज डायरी।।12 MAR।।झारखंड: राज्यकर्मियों का बढ़ा महंगाई भत्ता।।सुप्रीम कोर्ट से बचा है लोकतंत्र- चंपाई।।बिहारः निर्विरोध MLC बनेंगे नीतीश,राबड़ी।।खट्टर गए, सैनी बने हरियाणा के नए सीएम।।सीएएः सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मुस्लिम लीग।।समेत कई अहम खबरें।।
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क्या थे नियम जिसमें किये गये हैं बदलाव
वर्तमान में पुलिस बहाली में दौड़ के लिये रेडियो फ्रीक्वेन्सी आइडेन्टीफिकेशन चीप टाइमिंग टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाता है. लेकिन अब रेडियो फ्रीक्वेन्सी आइडेन्टीफिकेशन चीप टाइमिंग टेक्नोलॉजी की उपलब्धता और आपूर्ति पर निर्भर करेगा. पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने और आपूर्ति में विलंब होने पर भी दौड़ को पूर्ण किया जाएगा. ऊंचाई एवं सीने की माप के लिए स्टेन्डर्ड डिजिटल हाइट वेट डिवाइस विथ डिस्पले मॉनिटर्स का प्रयोग किया जाता है. संशोधन के बाद स्टेन्डर्ड डिजिटल हाइट वेट डिवाइस विथ डिस्पले मॉनिटर्स की उपलब्धता और आपूर्ति पर निर्भर करेगा. पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने और आपूर्ति में विलंब होने पर इन डिवाइस के बिना भी ऊंचाई एवं सीने की माप की जाएगी. आवेदन की पहचान के लिए बायोमेट्रिक डिवाइस का प्रयोग किया जाता है. संशोधन के बाद इसकी उपलब्धता और आपूर्ति पर निर्भर करेगा. पर्याप्त उपलब्धता और आपूर्ति में विलंब होने पर आवेदक की पहचान उसके आवेदन में दिये गये पहचान चिन्ह से मिलान कर की जायेगी. सीसीटीवी टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर सभी संचालन का वीडियोग्राफी किया जाता है. संशोधन के बाद पर्याप्त उपलब्धता और आपूर्ति पर निर्भर करेगा. पर्याप्त उपलब्धता और आपूर्ति में विलंब होने पर इन डिवाइस के बिना भी सभी संचालन प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी. इसे भी पढ़ें- बंगाल,">https://lagatar.in/like-bengal-assam-maharashtra-up-muslim-council-will-be-formed-in-jharkhand-too-firoz/">बंगाल,असम, महाराष्ट्र, यूपी की तरह झारखंड में भी मुस्लिम मुशाविरत होगी गठित : फिरोज [wpse_comments_template]
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