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शराब फैक्ट्री में पूंजी निवेश का 200 प्रतिशत वापस करने की नीति भी जांच के दायरे में शामिल

वैट की वापसी दो तरह से करने का प्रावधान लाया गया. अगर कंपनी 2 साल के भीतर फैक्टरी लगा लेती है तो 25 प्रतिशत वैट वापस होगा और अगर कंपनी दो साल के बाद फैक्टरी शुरु करती है कि वैट का 15 प्रतिशत वापस होगा. इस नीति का फायदा वोकारो डिस्टलरी को हुआ.
 
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  • इस नीति की वजह से बोकारो डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड को सबसे ज्यादा मुनाफा हुआ. 
  • पहली श्रेणी को 25 प्रतिशत और दूसरी श्रेणी को 15 प्रतिशत वैट वापस करने का प्रावधान.
  • राज्य में शराब पर 75 प्रतिशत और ENA पर 14 प्रतिशत वैट का प्रावधान है.

Ranchi : शराब घोटाले की जांच के दायरे में पूंजी निवेश का 200 प्रतिशत तक वापस करने के प्रावधान को भी शामिल कर लिया गया है. यह प्रावधान राज्य में लागू आद्योगिक नीति 2021 में शामिल है. इस नीति का सर्वाधिक लाभ बीयर बनाने वाली कंपनी को मिलने की वजह से इस पर संदेह किया जा रहा है.

कोविड-19 के दौरान सेनेटाईजर की अचानक बढ़ी मांग को देखते हुए औद्योगिक नीति 2001 में डिस्टिलरी को प्रत्साहित करने का फैसला किया गया था. सेनेटाईजर बनाने के लिए Extra Neutral Alcohol (ENA) का इस्तेमाल होता है. कोविड-19 के वक्त राज्य में स्थापित डिस्टिलरी की संख्या इस जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं थी. इस बात के मद्देनजर औद्योगिक नीति में डिस्टिलरी लगाने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए वैट वापस करने का प्रावधान किया गया.

वैट वापसी को दो श्रेणी में बांटा गया. पहली श्रेणी को 25 प्रतिशत और दूसरी श्रेणी को 15 प्रतिशत वैट वापस करने का प्रावधान किया गया. पहली श्रेणी में वैसे उद्योगों को शामिल किया गया जिनका उत्पादन औद्योगिक नीति लागू होने के दो साल के अंदर शुरू हो. दूसरी श्रेणी में नीति लागू होने के दो साल बाद उत्पादन करने वाली इकाईयों को रखा गया. इसमें इस बात का उल्लेख किया गया कि वापस की गयी वैट की रकम पूंजी निवेश के 200 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा. यानी अगर किसी ने 50 करोड़ का पूंजी निवेश किया है तो उसे वैट के रूप में 100 करोड़ रुपये से अधिक वापस नहीं किया जायेगा.

ENA की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से औद्योगिक नीति में किये गये प्रावधान में Distilleries के पहले Breweries शब्द जोड़ा गया. Breweries से ENA का उत्पादन नहीं होता है. लेकिन इस शब्द की वजह से बोकारो डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड को सबसे ज्यादा मुनाफा हुआ. इस कंपनी ने करीब 125 करोड़ रुपये की लागत से बीयर बनाने की इकाई लगा कर वैट वापसी का लाभ उठाना शुरू किया. राज्य में शराब पर 75 प्रतिशत और ENA पर 14 प्रतिशत वैट है. बीयर बनाने की फैक्ट्री से ENA का उत्पादन नहीं होने के बावजूद वैट वापसी के लिये किये प्रावधान को संदेह की नजर से देखा जा रहा है. साथ ही जांच के दायरे में इसे शामिल कर लिया गया है.

राज्य में एक सितंबर से लागू होने वाली नयी उत्पाद नीति की वजह से बोकारो की बीयर बनाने वाली इस कंपनी को वैट के रूप में हो रहे रिफंड में काफी गिरावट आयेगी. औद्योगिक नीति में किये गये प्रावधान के तहत फिलहाल उसे 75 प्रतिशत की दर से चुकाये गये वैट का 25 प्रतिशत वापस हो रहा है. सितंबर उसे पांच प्रतिशत का 25 प्रतिशत मिलेगा. यानी वह जितने वैट चुकायेगा उसमें से उसे सिर्फ 1.25 प्रतिशत ही वापस मिलेगा.

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