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बिहार में सियासी सरगर्मी बढ़ी, नीतीश के इस्तीफे की खबर! तेजस्वी ने भी दे दी चुनौती

Patna : बिहार में कई दिनों से सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है. सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे और एनडीए में शामिल होने के साथ दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की चर्चा तेज हो गयी है. इस बीच राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटे तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को बड़ी चुनौती दी है. डिप्टी सीएम तेजस्वी ने कहा है कि इतनी आसानी से वो तख्तापलट और ताजपोशी नहीं होने देंगे. वहीं लालू का कहना है कि उनके पास बहुमत का आंकड़ा है. अगर नीतीश कुमार गठबंधन तोड़ते हैं, तब वो अपने पत्ते खोलेंगे.

आरजेडी ने आज बुलायी है विधायक दल की बैठक

सियासी हलचलों के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने आज 1 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है. यह बैठक तेजस्वी यादव के सरकारी आवास 5 सर्कुलर रोड आवास पर है. इस बैठक में पार्टी कोई बड़ा फैसला ले सकती है. सूत्रों की मानें तो आरजेडी विधायक दल की बैठक में आज सीएम का चेहरा तय कर सकती है. पार्टी किसी दलित चेहरे को सीएम पद के लिए आगे कर सकती है. आरजेडी के सामने अगर साल 2017 के हालात दोबारा पैदा होते हैं, तो वह इसका डट कर मुकाबला करेगी.

गिरिराज का दावा, बिहार में बीजेपी की सरकार बनेगी

सियासी हलचलों के बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दावा किया कि बिहार में 2025 में चुनाव होगा और हमारी सरकार बनेगी. बिहार की जनता भाजपा को 2024 में लोकसभा में और 2025 में बिहार में सरकार बनाने का मौका देगी. कहा कि जो राजनीतिक गतिविधि हो रही है, उस पर हम नजर रखे हुए हैं. अभी तो लालू प्रसाद, तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार को जवाब देना है. भाजपा पूरी गंभीरता से नजर रखे हुए है कि क्या गतिविधि हो रही है.लेकिन इसमें भाजपा का कोई रोल नहीं है.

असहजता को दूर करने का निदान सिर्फ सीएम नीतीश के पास

राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि मैं तो इसे अफवाह ही मानूंगा...जो संशय की स्थिति है वो संशय असहज कर रहा है और इस असहजता को दूर करने का निदान सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास है. बिहार पूरे देश में अच्छे कारणों से चर्चा का विषय है. मुझे इसमें कोई दरार नहीं दिखती. अंतत: इस `महागठबंधन` के मुखिया नीतीश कुमार हैं. इसकी बुनियाद उन्होंने लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव ने मिलकर रखी थी.

नीतीश ने लालू के फोन का नहीं दिया जवाब

नीतीश के इस्तीफे और एनडीए में मिलने की खबर ने लालू यादव की चिंता बढ़ा दी है. सूत्रों की मानें तो लालू ने नीतीश को पांच बार फोन किया. लेकिन नीतीश ने लालू के किसी भी फोन का जवाब नहीं दिया. लालू के प्रति नीतीश के इस रवैये के बाद यह कही ना कही सच साबित होता दिख रहा है कि वो पार्टी बदलने वाले हैं.

79 सदस्यों के साथ आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी 

बता दें कि बिहार में लालू यादव के नेतृत्व वाली आरजेडी 79 सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है. वहीं बीजेपी 78 विधायकों के साथ दूसरे नंबर पर है. नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू 45 विधायकों के साथ तीसरे नंबर, कांग्रेस 19 के साथ चौथे और लेफ्ट 16 विधायकों के साथ पांचवें नंबर पर है. बिहार में कुल 243 विधानसभा सीट है. सरकार बनाने के लिए 122 सीट चाहिए. [wpse_comments_template]  

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