Ranchi : राज्य सरकार ने सूचना आयक्त के पद पर नियुक्ति के लिए राज्यपाल सचिवालय को चार नाम भेजे हैं. इसमें तीन का संबंध अलग-अलग राजनीतिक दलों से है. तीनों के राजनीतिक संबंध होने के सबूत भी हैं.

शिवपूजन पाठक भाजपा नेता हैं.
उल्लेखनीय है कि सूचना आयुक्तों के रिक्त पड़े पदों पर नियुक्ति के मुद्दे पर हाईकोर्ट द्वारा सख्त रवैया अपनाये जाने के बाद राज्य सरकार ने चार नाम राज्यपाल सचिवालय को भेज कर सहमति मांगी है. सरकार द्वारा भेजे गये चार नामों में अनुज कुमार सिन्हा, अमूल्य नीरज खलखो, शिवपूजन पाठक और तनुज खत्री का नाम शामिल है.

कांग्रेस के नेता हैं अमूल्य नीरज खलखो.
राज्यपाल के पास सहमति के लिए भेजे गये इन चार नामों में से अनुज कुमार सिन्हा पत्रकार हैं. उनको छोड़ कर बाकी सभी राजनीति दलों से संबंधित हैं और अलग अलग दलों में महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं. इसमें से एक के खिलाफ कोतवाली थाने में प्राथमिकी भी दर्ज है.

तनुज खत्री झामुमो के प्रेस प्रवक्ता हैं.
राज्य सरकार द्वारा राज्यपाल सचिवालय को सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति के लिए की गयी अनुशंसा के बाद से ही इस पर आपत्ति दर्ज करायी जा रही है. साथ ही राज्यपाल को शिकायती पत्र भेजे जा रहे हैं. इसमें सरकार द्वारा की गयी नियुक्ति प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश का उल्लंघन बताया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के उल्लंघन के मामले अंजली भारद्वाज बनाम केंद्र सरकार के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित की गयी नियुक्ति प्रक्रिया का हवाला दिया जा रहा है. इसके आलावा सूचना अधिकार अधिनियम की धारा 15(6) का भी उल्लंघन बताया जा रहा है.

सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी के संवाददाता सम्मेलन में शिवपूजन पाठक.
राज्यपाल को भेजी गयी शिकायतों में यह कहा गया है कि अधिनियम की धारा 15(6) के प्रावधानों के आलोक में राजीनितज्ञों की नियुक्ति सूचना आयुक्त के पद पर नहीं की जा सकती है. राज्यपाल सचिवालय को मिली शिकायतों के बाद जारी जांच पड़ताल में सूचना आयुक्त के पद पर प्रस्तावित तीन नामों के राजनीतिक संबंध होने और महत्वपूर्ण पार्टी में जिम्मेवारी निभाये जाने से संबंधित सबूत मिले हैं. इसमें राजनीतिक दलों का पहचान पत्र, बड़े नाताओं व मंत्रियों का साथ प्रेस कांफ्रेस करने के अलावा राजनीतिक दलों द्वारा महत्वपूर्ण जिम्मेवारी सौंपने से संबंधित आदेश शामिल है.

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