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झारखंड का सियासी तापमान बढ़ा, पूर्व सीएम चंपाई कोलकाता से दिल्ली पहुंचे, विधायक भी साथ मौजूद!

  • कयासों का बाजार गर्म, शनिवार को चंपाई ने लोबिन से की थी मुलाकात
  • क्या वोले दशरथ और मोहंती. रामदास का फोन बंद, चमरा से संपर्क नहीं हो सका
Ranchi :  झारखंड की राजनीतिक तपिस एक बार फिर बढ़ती दिखायी दे रही है. राज्य की इंडी गठबंधन सरकार में मंत्री और पूर्व सीएम चंपाई सोरेन दिल्ली पहुंच गये हैं. चंपाई सोरेन के साथ कोल्हान के कुछ विधायकों के भी साथ होने की चर्चा है. इनमें दशरथ गागराई, रामदास सोरेन, चमरा लिंडा, लोबिन हेंब्रम और समीर मोहंती का नाम शामिल है.  शुभम संदेश के संवाददाता ने पांचों विधायकों से संपर्क करने की कोशिश की. लेकिन केवल समीर मोहंती और दशरथ गागराई से ही संपर्क हो पाया है. रामदास सोरेन का फोन बंद आ रहा है. जबकि चमरा लिंडा की फोन की घंटी बज रही है. लेकिन वे फोन नहीं उठा रहे हैं.

बेटी से मिलने दिल्ली आये हैं  : चंपाई

दिल्ली पहुंचने के बाद चंपाई सोरेन ने मीडिया से कहा कि वो निजी काम से दिल्ली आये हैं. दिल्ली में उनकी बेटी रहती है, उससे ही मिलने आये हैं. कोलकाता में सुबेंदू अधिकारी से मिलने के सवाल पर कहा कि किसी से उनकी मुलाकात नहीं हुई है. वहीं इधर चंपाई सोरेन के एक्स अकाउंट से झामुमो हट गया है. उनके बायो में झारखंड मुक्ति मोर्चा का जिक्र नहीं है. चंपाई सोरेन के नाम के साथ सिर्फ झारखंड का पूर्व मुख्यमंत्री लिखा हुआ है.

मैं चाकुलिया में अपने दफ्तर में हूं : समीर 

शुभम संदेश के संवाददाता ने सुबह 11 बजकर 52 मिनट पर समीर मोहंती को फोन किया तो उन्होंने खुद से वीडियो कॉल करने को कहा. वीडियो कॉल करने पर उन्होंने बताया कि मैं अपने चाकुलिया वाले दफ्तर में हूं. उन्होंने कैमरा मूव कर दफ्तर में मौजूद लोगों को दिखाया. कहा कि मैं जहां हूं, वहीं रहूंगा. वीडियो कॉल में देखा गया कि वो दफ्तर में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे. लोग अपनी समस्याओं को लेकर कतारबंध तरीके से विधायक समीर मोहंती से मिल रहे थे. उन्होंने भाजपा में शामिल होने की बात को बेबुनियाद बताया.

गुरुजी का मान-सम्मान कम होने नहीं देंगे :  दशरथ गागराई

शुभम संदेश के संवाददाता ने सुबह  10 बजकर 26 मिनट पर विधायक दशरथ गगराई से बात की. तो उन्होंने कहा कि मैं अपने विधानसभा क्षेत्र में हूं. वे बोले कि  गुरुजी का मान सम्मान कम नहीं होने देंगे. कहा कि भाजपा वाले 100 करोड़ लेकर शहीद केरसाइ मुंडा चौक खरसावां आ जाये, मैं अपनी जनता और कार्यकर्ता से पूछूंगा कि क्या पैसा लेकर हमें बिकना चाहिए. क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ता जो तय करेंगे, वह मैं करुंगा. बिकने के शब्द पर जोर देते हुए पुनः दुहराया कि हम गुरु जी का मान-सम्मान कम नहीं होने देंगे.

तीन विधायकों से नहीं हो पाया संपर्क 

शुभम संदेश के संवाददाता ने रामदास सोरेन से कई बार संपर्क करने की कोशिश की. लेकिन उनका फोन बंद आ रहा है. पहला कॉल सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर, दूसरा 12 बजकर 26  मिनट पर और तीसरा कॉल दोपहर एक बजकर 15 पर किया गया. लेकिन तीनों बार उनका फोन बंद मिला. वहीं लोबिन हेंब्रम से भी संपर्क करने की कोशिश की गयी. उनके फोन की घंटी बज रही है. लेकिन वो फोन नहीं उठा रहे हैं. संवाददाता ने 10 बजे से 12 बजे के बीच 10 से अधिक बार लोबिन हेंब्रम को फोन किया. विधायक चमरा लिंडा और उनके पीए से भी संपर्क करने की कोशिश की गयी. 11 बजे से 12:30 के बीच चार बार फोन किया गया, दोनों की फोन की घंटी बजती रही, लेकिन दोनों ने फोन नहीं उठाया. इसके बाद विधायक चमरा लिंडा का फोन 1 बजकर तीन मिनट में उनका फोन बंद हो गया.

चंपाई सोरेन पार्टी के साथ दगाबाजी नही करेंगे, ऐसी उम्मीद है - मनोज पांडे

झामुमो के प्रवक्ता मनोज पांडे ने पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. जब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हो जाता, मैं इस पर विश्वास नहीं कर सकता. हालांकि मुझे उम्मीद है कि वह पार्टी के साथ दगाबाजी नहीं करेंगे. पार्टी के खिलाफ बगावत नहीं करेंगे. हेमंत सोरेन ने पहले भी सभी चुनौतियों का मजबूती से मुकबला किया है और आगे भी करेंगे.

शनिवार को चंपाई ने की थी लोबिन से मुलाकात

लोबिन हेंब्रम ने शनिवार को पूर्व सीएम चंपाई सोरेन से उनके आवास पर मुलाकात की थी. लगभग आधे घंटे तक इस मुलाकात के कई मायने भी निकाले जा रहे हैं. मीडिया से बातचीत में चंपाई सोरेन ने कहा कि लोबिन हेंब्रम हमारे पुराने साथ है. सामान्य बातचीत हुई है. बीजेपी में शामिल होने के मुद्दे पर कहा कि इस विषय पर कोई बातचीत नहीं हुई है. बीजेपी में शामिल होने की अफवाहों को चंपाई सोरेन ने खारिज करते हुए कहा कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. वे अभी जहां हैं वहीं हैं. क्या अफवाहें हैं, नहीं हैं, यह हमें नहीं पता. हमें खबर ही नहीं पता है तो हम सच, झूठ का क्या आंकलन करेंगे.

शिबू सोरेन के काफी करीबी रहे हैं चंपाई

चंपाई सोरेन को झामुमो का स्तंभ माना जाता है. कोल्हान में इनकी काफी पकड़ भी है. चंपाई सोरेन झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के काफी करीबी और भरोसेमंद भी हैं. सीएम हेमंत सोरेन भी चंपाई को अभिभावक के रूप में काफी सम्मान देते हैं. यही वजह है कि जब जमीन घोटाला मामले में हेमंत सोरेन को जेल जाना पड़ा तो उन्होंने झारखंड की कमान चंपाई सोरेन को सौंपी. चंपाई सोरेन ने दो फरवरी 2024 को झारखंड के नये सीएम के रूप में शपथ ली थी. इससे पहले सरायकेला से झामुमो विधायक चंपाई सोरेन 2010 में पहली बार मंत्री बने. भाजपा-झामुमो गठबंधन वाली अर्जुन मुंडा की सरकार में कैबिनेट मंत्री बने थे. इसके बाद 2013 में भी झामुमो-कांग्रेस गठबंधन की सरकार में वे मंत्री बनाये गये. 2019 में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में जब फिर से झामुमो-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनी तो 28 जनवरी 2020 को उन्हें फिर से मंत्री बनाया गया. फिलहाल चंपाई सोरेन हेमंत सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. [wpse_comments_template]

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