Ranchi: रांची के विभिन्न जलशयों एवं तालाबों के अतिक्रमण से संबंधित मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट मे हुई. झारखंड हाईकोर्ट के न्यायधीश जस्टिस डॉ रविरंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ मे हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने रांची नगर निगम और राज्य सरकार से जवाब मांगा है. हाईकोर्ट ने निगम से पूछा कि रांची मे कितने तालाब थे और अभी उनकी क्या स्थिति है. इसके साथ ही अदालत ने यह भी पूछा कि कांके डैम और धुर्वा डैम में अतिक्रमण कि स्थिति क्या है. वहीं कोर्ट ने जियोलोजीकल सर्वे ऑफ इंडिया के निदेशक को अगली सुनवाई के दौरान उपस्थित होने का निर्देश दिया है. इसे भी पढ़ें- टाटा">https://lagatar.in/rs-16-69-lakh-distributed-among-26-employees-in-tata-motors-support-scheme-meeting/">टाटा
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सैकड़ों एकड़ जमीन अतिक्रमणकारियों द्वारा हड़प ली गई
बता दें की रांची के बड़ा तालाब एवं जिले के आसपास के जलस्रोतों को संरक्षित करने एवं इसमें हो रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है. जनहित याचिका में कहा गया है कि बड़ा तालाब, कांके डैम एवं धुर्वा डैम की सैकड़ों एकड़ जमीन अतिक्रमणकारियों के द्वारा हड़प ली गई है. वहां मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है. जिसका काफी बुरा असर जलाशयों पर पड़ रहा है. इतना ही नहीं रांची में तालाबों की स्थिति भी बदतर होती जा रही है. इसे भी पढ़ें- राजस्थान">https://lagatar.in/rajasthan-cm-gehlot-said-the-countrys-media-is-under-the-pressure-of-pm-modi-it-is-sad/">राजस्थानके सीएम गहलोत ने कहा, पीएम मोदी के दबाव में है देश का मीडिया, यह दुखद है [wpse_comments_template]
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