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कोयला के प्रदूषण से तालाब का पानी हो गया जहरीला, मर रहे मवेशी, खेती हो रही नष्ट

Ranchi: केरेडारी चट्टी बारियातू कोयला खनन परियोजना से प्रदूषण की मार से चट्टी गांव के कई तालाबों का पानी प्रदूषित हो चुका है. पानी जहरीला हो गया है. कभी इस तालाब का पानी नहाने धोने से लेकर सिंचाई कार्य में प्रयुक्त किया जाता था. खेती बारी में सिंचाई के लिए तालाब का पानी उपयोग होता था. जब से कोयला खनन का कार्य शुरू हुआ है, कोयले की धूल ने तालाब को अपनी चपेट में ले लिया. तालाब का अस्तित्व ही मिटा दिया. इसे भी पढ़ें -झारखंड">https://lagatar.in/police-constable-recruitment-2023-admit-card-for-physical-eligibility-test-released/">झारखंड

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प्रदूषण से बिरहोर की भी हो चुकी है मौत

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alt="xvbb" width="600" height="400" /> इसी चट्टी बारियातू कोयला खनन परियोजना में प्रदूषण का प्रभाव इस कदर है कि आदिम जनजाति परिवार के किरनी बिरहोर और दुर्गा बिरहोर की मौत हो गई. गांव के बुजुर्ग लोग दमा बीमारी की मार झेल रहे हैं. अनुसूचित जाति जनजाति आयोग में दोनों की मौत को लेकर मामला भी दर्ज किया गया है. मानवाधिकार आयोग ने जनजातीय समुदाय के मौत को काफी गंभीरता से लिया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दिनों गांव के नागो महतो की दो गाय जिसमें एक गर्भवती थी, उन दोनों की मौत बढ़ते प्रदूषण के कारण हो गई.

प्रभावित लोगों की पहचान की जा रही

अब गांवों में कैंप लगाकर खांसी दमा से प्रभावित लोगों की पहचान की जा रही है. चट्टीबारियातू माइंस क्षेत्र के मुखिया झरीलाल महतो ने प्रदूषण को लेकर बताया है कि माइंस एरिया से बाहर लगी फसल प्रदूषण के कारण नष्ट हो रहा है. एनटीपीसी सारे नियम कानून को ताक में रखकर 45 मीटर से 60 मीटर ऊंचाई तक ओबी भर दे रहा है. इससे भी प्रदूषण फैल रही है. ग्राम वासी फैलती हुई बीमारी के चलते बस्ती खाली कराने को बोल रहे हैं. लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. इसे भी पढ़ें -राज्य">https://lagatar.in/more-than-40-thousand-water-pipes-are-defective-in-the-state-1000-4000-water-pipes-are-closed-in-15-districts/">राज्य

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