Ranchi/Delhi : मनी लांड्रिंग मामले की आरोपी झारखंड की निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को सुप्रीम कोर्ट से एक महीने की अंतरिम जमानत मिली है.अंतरिम जमानत के लिए शीर्ष अदालत ने कई शर्तें रखी हैं जिनका अनुपालन पूजा सिंघल को करना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने यह शर्त रखी है कि अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान पूजा सिंघल अपनी बेटी के इलाज के लिए सिर्फ दिल्ली, गुड़गांव और मुंबई जा सकती हैं. झारखंड वह तभी आ सकती हैं जब अदालत में उनके मामले की सुनवाई हो. इसे भी पढ़ें - सुप्रीम">https://lagatar.in/supreme-court-issues-notice-to-madhya-pradesh-government-says-not-all-conversions-are-illegal-hearing-on-february-7/">सुप्रीम
कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया, कहा, सभी धर्मांतरण अवैध नहीं, सात फरवरी को सुनवाई
पुलिस में DIG रैंक में अफसरों को नहीं मिल पाया प्रमोशन [wpse_comments_template]
कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया, कहा, सभी धर्मांतरण अवैध नहीं, सात फरवरी को सुनवाई
कोर्ट ने बेटी के मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत दी है
इसके साथ ही अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि पूजा सिंघल की अंतरिम जमानत की अवधि उस दिन शुरू होगी. जिस दिन वह न्यायिक हिरासत से बाहर आयेगी. बता दे कि सस्पेंड हो चुकी IAS अधिकारी पूजा सिंघल को मंगलवार बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने पूजा सिंघल को उनकी बेटी के मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत दे दी है. झारखंड के खूंटी में हुए मनरेगा घोटाला मामले में ईडी ने पूजा सिंघल को इसी साल 11 मई को गिरफ्तार किया था. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस अभय ओका की अदालत में सुनवाई हुई. इसे भी पढ़ें - झारखंड">https://lagatar.in/officers-could-not-get-promotion-in-dig-rank-in-jharkhand-police/">झारखंडपुलिस में DIG रैंक में अफसरों को नहीं मिल पाया प्रमोशन [wpse_comments_template]
Leave a Comment