- औद्योगिक संघों के साथ समीक्षा बैठक
औद्योगिक क्षेत्र में छोटे-छोटे भूखंड तैयार करने का आग्रह
इससे पहले चैंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री ने सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों की स्थापना के लिए सभी जिलों के औद्योगिक क्षेत्र में 5 हजार से 20 हजार वर्गफीट तक के छोटे-छोटे भूखंड तैयार करने का आग्रह किया. कहा कि पूंजी के अभाव में छोटी इकाईयां बडा प्लॉट आवंटित कराने से वंचित रह जाती हैं. फलस्वरूप नये उद्योग के नहीं लगने के कारण राजस्व में कमी और रोजगार सृजन में कठिनाई होती है. कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में भूखंड के लिए एक से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर उनका निष्पादन लॉटरी से किया जाये.महिला उद्यमिता को प्राथमिकता देने का सुझाव
चैंबर अध्यक्ष ने फॉरेस्ट, विद्युत, पॉल्यूशन और लेबर डिपार्टमेंट की एक कॉमन ग्रीवांस सेल गठित करने का सुझाव दिया. कहा कि किसी भी उद्योग के लिए इन चारों विभाग से एनओसी लेने में कठिनाई होती है. समय से एनओसी नहीं मिलने पर कार्य बाधित होता है. कॉमन ग्रीवांस सेल के माध्यम से उद्यमी अपनी समस्या का त्वरित निराकरण कराने में सक्षम होंगे. चैंबर उपाध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने सिंगल विंडो सिस्टम को एक्टिव करने, सूक्ष्म एवं लघु इकाईयों द्वारा नया उद्योग लगाने में उन्हें विशेष छूट देने, आईटी, स्टार्टअप्स के लिए नई पॉलिसी लाने तथा महिला उद्यमिता को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया. इसे भी पढ़ें – झारखंड">https://lagatar.in/another-ias-of-jharkhand-went-to-jail-absconding-after-warrant/">झारखंडके एक और IAS गए जेल, वारंट के बाद थे फरार [wpse_comments_template]

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