सरकार मानती रही थी कि रबी के मौसम में बंपर उत्पादन होगा
अब तक सरकार यह मानती रही थी कि रबी के मौसम में बंपर उत्पादन होगा. कृषि मंत्रालय की ओर से कृषि वर्ष 2022-23 के दूसरे अग्रिम अनुमान में 11 करोड़ 21 लाख टन गेहूं के उत्पादन का दावा किया गया था, लेकिन उसके बाद से लगातार बढ़ती गर्मी की वजह से सबसे अधिक गेहूं की फसल को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है. स्वतंत्र एनालिटिक्स एजेंसी क्रिसिल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर मार्च तक तापमान में इसी तरह की बढ़ोतरी होती रही तो गेहूं की पैदावार पर असर पड़ सकता है. या तो गेहूं की पैदावार पिछले रबी सीजन के स्तर पर रहेगी या उससे भी कम हो सकती है. इसे भी पढ़ें : विदेशी">https://lagatar.in/continuation-of-decline-in-forex-reserves-continues-fund-decreased-by-15-484-billion-in-three-weeks/">विदेशीमुद्रा भंडार में गिरावट का सिलसिला जारी, तीन हफ्ते में 15.484 अरब डॉलर घटा कोष
महंगाई बढ़ने का रिस्क हमेशा बना रहेगा
अगर भविष्यवाणी सटीक हुई तो मॉनसून सीजन में होने वाली बारिश कम हो सकती है. इससे कृषि उत्पादन कम हो सकता है और कीमतें बढ़ सकती हैं. हालांकि वित्त वर्ष 2024 में महंगाई में बढ़ोतरी का जोखिम है, मगर यह पूरी तरह से खत्म नहीं है. इसका कारण है कि जिस तरह से जियो पॉलिटिकल स्थिति है, ग्लोबल इकॉनमी में अनिश्चितता है, साथ ही पूरे विश्व में जिस तरह से ब्याज दरें बढ़ रही है, उससे महंगाई बढ़ने का रिस्क हमेशा बना रहेगा. इसे भी पढ़ें : स्पीकर">https://lagatar.in/read-important-news-of-the-country-and-the-world-including-jharkhand-in-your-favorite-newspaper-shubham-sandesh/">स्पीकरने मांगा पक्ष-विपक्ष का साथ।।..तो प्यासे रह जाएंगे।।आरोग्यम स्कैम में होगी कार्रवाई।।80 प्रतिशत तक गिरे अडाणी के शेयर।।समेत कई अहम खबरें पढ़ें आपके प्रिय अखबार ‘शुभम संदेश’ में…

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