सहकार गांवों के स्वावलंबन का भी बहुत बड़ा माध्यम
उन्होंने कहा कि सहकार गांवों के स्वावलंबन का भी बहुत बड़ा माध्यम है. उसमें आत्मनिर्भर भारत की ऊर्जा है. आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए गांवों का आत्मनिर्भर होना बहुत आवश्यक है. इसलिए पूज्य बापू और सरदार पटेल ने हमें जो रास्ता दिखाया, उसके अनुसार आज हम मॉडल कॉपरेटिव की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. आत्मनिर्भरता में भारत की अनेक मुश्किलों का हल है. आत्मनिर्भरता का एक बेहतरीन मॉडल, सहकार है. ये हमने गुजरात में बहुत सफलता के साथ अनुभव किया है और आप सभी साथी इस सफलता के सेनानी हैं. डेयरी सेक्टर के कोऑपरेटिव मॉडल का उदाहरण हमारे सामने है. आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है, जिसमें गुजरात की बहुत बड़ी हिस्सेदारी है. इसे भी पढ़ें – “हेमंत">https://lagatar.in/accidental-death-of-hemant-sarkar-is-certain-all-sins-will-have-to-be-atonement-dilip-saikia/">“हेमंतसरकार का एक्सीडेंटल डेथ निश्चित, सभी पापों का करना होगा प्रायश्चित”- दिलीप सैकिया
यूरिया का बैग अब सिर्फ 300 रुपये
मोदी ने कहा- 2014 में हमारी सरकार बनने के बाद हमने यूरिया की शत-प्रतिशत नीम कोटिंग का काम किया. इससे देश के किसानों को पर्याप्त यूरिया मिलना सुनिश्चित हुआ. साथ ही हमने यूपी, बिहार, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना में 5 बंद पड़े खाद कारखानों को फिर चालू करने का काम शुरु किया. भारत विदेशों से जो यूरिया मंगाता है इसमें यूरिया का 50 किलो का एक बैग 3,500 रुपये का पड़ता है. लेकिन देश में, किसान को वहीं यूरिया का बैग सिर्फ 300 रुपये का दिया जाता है. यानी यूरिया के एक बैग पर हमारी सरकार 3,200 रुपये का भार वहन करती है.पिछले साल 1.60 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी फर्टिलाइजर में दी
पीएम ने कहा कि देश के किसान के हित में जो भी जरूरी हो, वो हम करते हैं, करेंगे और देश के किसानों की ताकत बढ़ाते रहेंगे. देश के किसान को दिक्कत न हो इसके लिए केंद्र सरकार ने पिछले साल 1.60 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी फर्टिलाइजर में दी है. किसानों को मिलने वाली ये राहत इस साल 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होने वाली है. पहले की सरकार में समस्याओं का सिर्फ तात्कालिक समाधान ही तलाशा गया. आगे वो समस्या न आए, इसके सीमित प्रयास ही किए गए. बीते 8 वर्षों में हमने तात्कालिक उपाय भी किए हैं और समस्याओं के स्थायी समाधान भी खोजे हैं.सहकारिता आधारित आर्थिक मॉडल को प्रोत्साहित किया जाए
मोदी ने कहा कि सहकार की स्पिरिट को आजादी के अमृतकाल की स्पिरिट से जोड़ने के लिए हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं. इसी उद्देश्य के साथ केंद्र में सहकारिता के लिए अलग मंत्रालय का गठन किया गया. कोशिश यही है कि देश में सहकारिता आधारित आर्थिक मॉडल को प्रोत्साहित किया जाए. सहकार की सबसे बड़ी ताकत भरोसा है, सहयोग है, सबके सामर्थ्य से संगठन के सामर्थ्य को बढ़ाने का है. यही आजादी के अमृतकाल में भारत की सफलता की गारंटी है. इसे भी पढ़ें – बीजेपी">https://lagatar.in/in-the-political-resolution-of-the-bjp-working-committee-hemant-sarkar-was-told-to-be-the-nurturer-of-corruption-and-loot/">बीजेपीकार्यसमिति के राजनीतिक प्रस्ताव में हेमंत सरकार को बताया गया भ्रष्टाचार और लूट का पोषक [wpse_comments_template]

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