ऐसे समझें क्यों है बिजली संकट
बीते 10 वर्षों में धनबाद जिले में बिजली की मांग 30 से 40 प्रतिशत बढ़ी है. गर्मी के दिनों में बिजली की मांग 250 से 300 मेगावॉट तक पहुंच जा रही है. जबकि जिले को जेबीवीएनएल, डीवीसी और कांड्रा ग्रिड से अधिकतम 230 मेगावॉट ही बिजली मिल पा रही है. बीते एक दशक में बिजली विभाग ने तेलीपाड़ा, सुगियाडीह, कुसुम विहार सब स्टेशन की नींव रखी, लेकिन शुरू नहीं कर पाया. इसके अलावा प्रस्तावित अन्य सब स्टेशनों का निर्माण तक शुरू नहीं हो पाया.जरूरत के अनुसार आपूर्ति बढ़ाने का प्रयास : ईई
बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता शिवेंद्र कुमार ने बताया कि शहरी इलाकों में खपत बढ़ने के बाद बिजली की मांग की गई है. 17 अप्रैल से बिजली आपूर्ति सुधरी है. आगे भी जरूरत के अनुसार आपूर्ति बढ़ाकर अधिक से अधिक आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-explosion-offer-in-gold-and-silver-jewelers-on-akshaya-tritiya/">धनबाद: अक्षय तृतीया पर सोना चांदी ज्वेलर्स में धमाका ऑफर [wpse_comments_template]

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