Ranchi: झारखंड के ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाकों में बिजली संकट दूर करने की कवायद शुरू हो गई है. ऊर्जा विभाग के अंतर्गत झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (JREDA) ने राज्यभर के 16 स्थलों को चिन्हित किया है, जहां स्मॉल, मिनी और माइक्रो हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स विकसित किया जाएगा. इन परियोजनाओं के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर पानी के बहाव से बिजली तैयार की जाएगी, जिससे सीधे तौर पर ग्रामीणों को निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी.
इस योजना को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत विकसित किया जाएगा. इसके तहत शुरुआती चरण में सभी 16 स्थलों का विस्तृत साइट सर्वे, तकनीकी मूल्यांकन और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए विकासकर्ताओं का चयन किया जा रहा है. इस पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना बिजली का उत्पादन बढ़ाया जा सकेगा.
विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इच्छुक तकनीकी एजेंसियों को अपनी कार्ययोजना और प्रस्ताव साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसके बाद आगामी 29 जुलाई को प्राप्त प्रस्तावों की तकनीकी समीक्षा की जाएगी. पूरी प्रक्रिया पूरी होने और डीपीआर तैयार होने के बाद इन 16 क्षेत्रों में जल विद्युत इकाइयों का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.
Leave a Comment