- झारखंड गठन के बाद पहली बार बनी उर्जा निगम की नियुक्ति नियमावली
- जल्द नियुक्ति प्रकिया शुरू होने की उम्मीद
से हैकरों का भारत पर साइबर हमला, 2000 वेबसाइट को किया हैक
चीफ इंजीनियर, एसई, ईई, एसडीओ व जेई की भी कमी
बिजली वितरण व्यवस्था को ग्राउंड लेवल से देखने वाले चीफ इंजीनियर, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंताओं की भारी कमी है. इसके अतिरिक्त वितरण को देखने वाले डायरेक्टर के 3 पद एवं ट्रांसमिशन के 4 में से 3 पद खाली हैं.मेटेनेंस का जिम्मा उठा रखे हैं दैनिक वेतनभोगी
जमीनी स्तर पर मेटेनेंस का जिम्मा देखने वाले लाइन मैन की पूरी व्यवस्था आउटसोर्स के दैनिक वेतनभोगियों पर टिकी है. पूरे राज्य में ग्राउंड लेवल पर काम देखने वाले सबस्टेशनों में 10 प्रतिशत ही स्थायी कर्मी हैं, जबकि 90 फीसदी दैनिक वेतनभोगी पर टिकी है पूरी मेटेनेंस व्यवस्था.यह डाटा ही बयां करता है व्यवस्था की अंदरुनी हालत
- निदेशक वितरण : 3 पद, रिक्त 3
- निदेशक ट्रांसमिशन : 4 पद, रिक्त 3
- चीफ इंजीनियर : 16 पद, रिक्त 11
- अधीक्षण अभियंता : 40 पद, रिक्त 13
- कार्यपालक अभियंता : 179 पद, रिक्त 53
- सहायक अभियंता : 483 पद, रिक्त 370
- कनीय अभियंता : 814 पद, रिक्त 608
- जीएम आईटी : 1 पद, रिक्त 1
- डीजीएम आईटी : 4 पद, रिक्त 4
- सबस्टेशन अंतर्गत एक सेक्शन में चाहिए मैन पावर : 20-25, कार्यरत : 4-5
– 2 योजना से होगा 53 तालाबों का जीर्णोद्धार, 35 पार्क भी बनेंगे, अगस्त में बनेगा डीपीआर [wpse_comments_template]

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