New Delhi : दिल्ली दंगों के आरोप में जेल में बंद उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत नहीं दिये जाने पर SC के वकील प्रशांत भूषण ने नाराजगी जाहिर करते हुए इसे अनुचित और अन्याय करार दिया है.
Apart from unjustly denying bail to Umar Khalid and Sharjeel Imam, the SC has imposed absurdly draconian conditions on the other 5 persons who have been granted bail. These conditions effectively prohibit them from attending any meetings or speaking anywhere.
— Prashant Bhushan (@pbhushan1) January 6, 2026
Shameful for the SC pic.twitter.com/Z1wjvRcGA8
प्रशांत भूषण ने उमर और शरजील का बचाव करते हुए कहा कि वे खुद हिंसा में शामिल नहीं थे. कहा कि अपने भाषणों में वह हिंसा के खिलाफ ही बोल रहे थे.
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने कल सोमवार को अपने अहम फैसले में दिल्ली दंगों में आरोपी करार दिये गये 5 आरोपियों को तो 12शर्तों के आधार पर बेल दे दी. लेकिन उमर खालिद और शरजील इमाम को राहत नहीं दी.
सुप्रीम कोर्ट ने उन पर लगे आरोपों को आतंकवाद की श्रेणी में रखते हुए ट्रायल में देरी के आधार पर भी राहत नहीं दी. प्रशांत भूषण ने इस फैसले को अन्याय बताया. कहा कि वे खुद हिंसा करने के नहीं, बल्कि साजिश के आरोपी हैं.
एक तरह से सफाई देते हुए प्रशांत भूषण ने कहा, उनके भाषणों के कई वीडियो हैं, जिसमें सुना जा सकता है कि वे हिंसा के खिलाफ बोल रहे हैं, कहा कि ट्रायल के बिना दोनों 5 साल जेल में बंद है.
उन्होंने कहा कि फिर भी सुप्रीम कोर्ट ने बेल देने से इनकार कर दिया. यह शर्मनाक और जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार का मजाक है.
प्रशांत भूषण यह भी कहा कि SC ने अन्य 5 लोगों पर जमानत देते हुए बेमतलब की कठोर शर्तें लगाई हैं. कहा कि ये शर्तें उन्हें किसी भी बैठक में भाग लेने या कहीं भी बोलने से रोकती हैं. यह शर्मनाक है
इसके अलावा शरजील के चाचा अरशद इमाम ने निराशा जाहिर करते हुए कहा, मैं बेहद आहत हूं. मुझे पूरी उम्मीद थी कि इस बार कोर्ट से जमानत मिल जायेगी. उन्होंने शरजील को निर्दोष बताया.
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