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अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर की बिगड़ी तबीयत, मेदांता में भर्ती

Patna :   जनसुराज के प्रमुख 70वीं बीपीएससी परीक्षा दोबारा कराने की मांग को लेकर दो जनवरी से अनशन पर बैठे हैं. जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने अपने घर पर भी अनशन जारी रखा है. इस बीच खबर आ रही है कि प्रशांत किशोर की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती किया गया है. डॉक्टर अजीत प्रधान की टीम उनका टेस्ट कर रही है.

गले में दर्द और डिहाइड्रेशन की समस्या

जानकारी के अनुसार, बीती रात ही पीके की तबीयत बिगड़ गयी थी. उन्हें गले में दर्द और डिहाइड्रेशन की समस्या हो रही थी.  जिसके बाद मेदांता अस्पताल के डॉक्टर अजीत प्रधान की टीम उनके घर पहुंची थी. स्वास्थ्य को देखते हुए टीम ने पीके को एडमिट होने की सलाह दी है. जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. प्रशांत किशोर की मानें तो उनका अनशन जारी रहेगा.

मामला तो गांधी मैदान में ही निपटाया जायेगा

जन सुराज पार्टी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है, जिसमें कहा गया है कि मामला तो गांधी मैदान में ही निपटाया जायेगा. मतलब साफ है कि पीके चुप नहीं बैठेंगे और अपना अनशन जारी रखेंगे. ऐसा माना जा रहा है कि पीके अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद एक बार फिर गांधी मैदान में अपना अनशन शुरू कर सकते हैं. https://twitter.com/jansuraajonline/status/1876491877115207822

 

बिना शर्त जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आये

बता दें कि प्रशांत किशोर को पटना पुलिस ने सोमवार की अहले सुबह गिरफ्तार कर लिया था. गिरफ्तारी के आठ घंटे बाद पुलिस ने पीके को सिविल कोर्ट में पेश किया था. कोर्ट ने उन्हें 25000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी थी. लेकिन पीके ने बेल बॉन्ड भरने से इनकार कर दिया था. जिसके बाद कोर्ट ने उनको न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला लिया. हालांकि बाद में कोर्ट ने बिना किसी शर्त के उन्हें जमानत दे दी. इसके बाद वो बेऊर जेल से बाहर आ गये.

दो जनवरी की शाम से गांधी मैदान में अनशन पर बैठे हैं पीके

बता दें कि प्रशांत किशोर दो जनवरी की शाम से पटना के गांधी मैदान में बापू की प्रतिमा के पास आमरण अनशन पर बैठे हैं. पीके ने बीपीएससी की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा में हुई अनियमितता व भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कराने और परीक्षा रद्द कर फिर से परीक्षा लेने की मांग की है. साथ ही साल 2015 में सात निश्चय के तहत किये गये वादे के तहत 18 से 35 साल के बेरोजगार युवा को बेरोजगारी भत्ता देने और पिछले 10 सालों में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितता व पेपर लीक की जांच और दोषियों पर की गई कार्रवाई पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है. ं

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