Ranchi News: झारखंड में मलेरिया, डेंगू, कालाजार और अन्य वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी तेज कर दी है. इसे लेकर 8 और 9 सितंबर को रांची के होटल रेनड्यू में दो दिवसीय राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें राज्य के सभी 24 जिलों के वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी और जिला VBD सलाहकार शामिल हुए.
कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के वेक्टर जनित रोग विभाग और कैवल्या एजुकेशन फाउंडेशन (KEF) के संयुक्त सहयोग से किया गया. उद्घाटन अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा के नेतृत्व में हुआ. कार्यक्रम में मलेरिया, कालाजार, लिम्फेटिक फाइलेरियासिस, डेंगू और चिकनगुनिया की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा की गयी.
शशि प्रकाश झा ने कहा कि वेक्टर जनित बीमारियों पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ दूसरे विभागों, स्थानीय निकायों और आम लोगों का सहयोग जरूरी है. उन्होंने बीमारी के आंकड़ों की नियमित समीक्षा, समय पर कार्रवाई, जागरूकता और मरीजों की जल्द पहचान, जांच और इलाज सुनिश्चित करने पर जोर दिया.
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. रंजीत प्रसाद ने संक्रमित मरीजों को मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानी के इस्तेमाल को जरूरी बताया. उन्होंने प्रत्येक मरीज को इलाज के साथ मच्छरदानी उपलब्ध कराने पर जोर दिया.
प्रशिक्षण के दौरान जिला और प्रखंड स्तर पर आंकड़ों की समीक्षा, बीमारी के रुझान की पहचान, कालाजार के लिए सक्रिय रोगी खोज, मलेरिया की निगरानी और समय पर रिपोर्टिंग के बारे में जानकारी दी गयी.
कार्यक्रम में नगर निकाय, पेयजल एवं स्वच्छता, शिक्षा, ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के साथ बेहतर समन्वय पर भी चर्चा हुई. पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, युवाओं और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया. अधिकारियों ने अपने जिलों की समस्याओं और अनुभवों को साझा कर बेहतर कार्ययोजना बनाने पर विचार किया.
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