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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जैसलमेर वायु सेना स्टेशन से स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने  शाम को जैसलमेर के पोखरण फायरिंग रेंज में 'वायु शक्ति-2026 अभ्यास देखा. वायु शक्ति-2026 ने भारतीय वायु सेना के साहस, समर्पण और पेशेवर उत्कृष्टता को प्रदर्शित किया.
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  • राष्ट्रपति 2023 में लड़ाकू विमान सुखोई और 2025 में राफेल में भी उड़ान भर चुकी हैं.
  • द्रौपदी मुर्मू  ग्रुप कैप्टन नयन शांतिलाल बहुआ के साथ कॉकपिट में सह पायलट की भूमिका में नजर आयी.
  • हेलिकॉप्टर ने एक टैंक को लक्ष्य बनाकर निशाना साधा.

New Delhi : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज शुक्रवार सुबह महिला सशक्तिकरण का संदेश देते हुए जैसलमेर वायु सेना स्टेशन से स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड में ऐतिहासिक उड़ान भरी.

 

 

 
इससे पहले  राष्ट्रपति 2023 में लड़ाकू विमान सुखोई और 2025 में राफेल में भी उड़ान भर चुकी हैं. आज की उड़ान से शुक्रवार का दिन भारतीय सैन्य इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जायेगा.


बता दें कि हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर एलसीएच प्रचंड रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा बनाया गया है, 


द्रौपदी मुर्मू  ग्रुप कैप्टन नयन शांतिलाल बहुआ के साथ कॉकपिट में सह पायलट की भूमिका में नजर आयी. जान लें कि ऐसा करने वाली वह देश की पहली राष्ट्रपति हैं. खबरों के अनुसार इस मिशन में दो हेलिकॉप्टर शामिल थे.  


एक हेलिकॉप्टर में स्वयं वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह, ग्रुप कैप्टन ए महेंद्र के साथ सवार थे. 25 मिनट के इस मिशन में  हेलिकॉप्टरों ने गडिसर झील और जैसलमेर किले के ऊपर से उड़ान भरी.  


हेलिकॉप्टर ने एक टैंक को लक्ष्य बनाकर निशाना साधा. राष्ट्रपति ने हेलीकॉप्टर के  कॉकपिट से सैनिकों को सलामी भी दी. राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर लिखा, प्रचंड हेलिकॉप्टर आत्मनिर्भरता का एक प्रबल प्रतीक है,  इस समय मैं प्रसिद्ध जैसलमेर किले के ऊपर उड़ान भर रही हूं. मुझे देश के वीर वायु सैनिकों पर अत्यंत गर्व है. 
 
 
जानकारी दी गयी है कि राष्ट्रपति मुर्मू सुबह लगभग सवा नौ बजे बजे जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंची. एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह, वायु सेना की दक्षिणी पश्चिमी कमान के एयर आफिसर कमांडिंग इन-चीफ एयर मार्शल तेजेन्द्र सिंह और जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन के कमांडर ग्रुप कैप्टन अमित दुबे सहित वरिष्ठ वायुसेना अधिकारियों ने उनकी अगवानी की.  राष्ट्रपति ने 10 बजकर 15 मिनट पर प्रचंड में उड़ान भरी. 

 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने  शाम को जैसलमेर के पोखरण फायरिंग रेंज में 'वायु शक्ति-2026 अभ्यास देखा. वायु शक्ति-2026 ने भारतीय वायु सेना के साहस, समर्पण और पेशेवर उत्कृष्टता को प्रदर्शित किया.   

 

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