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बिपारजॉय को लेकर एनडीआरएफ डीजी की प्रेस कांफ्रेंस, कहा, गुजरात में चक्रवाती तूफान से किसी की जान नहीं गयी

New Delhi : राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक अतुल करवाल ने आज शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि गुजरात में आये चक्रवाती तूफान बिपारजॉय में किसी की जान नहीं गयी है. कहा कि 23 लोग विभिन्न घटनाओं में घायल हुए हैं. राज्य के कम से कम एक हजार गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है. बताया कि चक्रवाती तूफान बिपारजॉय के कारण तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने से कच्छ और सौराष्ट्र के इलाकों में भारी तबाही हुई है. एक अधिकारी ने बताया कि चक्रवाती तूफान के जखौ बंदरगाह के निकट पहुंचने की प्रक्रिया गुरुवार शाम करीब साढ़े छह बजे शुरू हुई. यह देर रात दो बजकर 30 मिनट तक चला. इस दौरान पूरे कच्छ जिले में भारी बारिश हुई.                                ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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एक हजार गांव बिजली संकट का सामना कर रहे हैं

करवाल ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि दुर्भाग्य से तूफान के गुजरात पहुंचने के पहले दो लोगों की मौत हो गयी, लेकिन तूफान के पहुंचने के बाद कोई जनहानि नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि गुजरात प्रशासन तथा अन्य एजेंसियों ने जानमाल का कम से कम नुकसान सुनिश्चित करने के लिए मिल कर काम किया था और यह उसी का नतीजा है. एनडीआरएफ के महानिदेशक ने कहा कि तूफान से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 23 लोग घायल हो गये. उन्होंने कहा कि राज्य के कम से कम एक हजार गांव बिजली संकट का सामना कर रहे हैं. इनमें 40 प्रतिशत बिजली संकट अकेले कच्छ जिले में है. करवाल ने कहा, 500 कच्ची अथवा फूस की झोपड़ियां क्षतिग्रस्त हो गयी हैं, कुछ पक्के मकानों को भी नुकसान पहुंचा है. 800 पेड़ उखड़ गये हैं.

राज्य में अधिकतर सड़क मार्ग साफ है, सेलफोन नेटवर्क काम कर रहे हैं

हमारी और राज्य आपदा मोचन बल की टीम हालात को सामान्य बनाने और प्रभावितों की मदद के लिए काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में अधिकतर सड़क मार्ग साफ है और सेलफोन नेटवर्क अब भी काम कर रहे हैं. राजकोट के अलावा गुजरात में कहीं भारी बारिश नहीं हो रही है. गुजरात के तटीय इलाकों में पहुंचने के कुछ घंटों बाद चक्रवात की तीव्रता कम होकर बेहद गंभीर से ‘गंभीर श्रेणी में आ गयी. चक्रवात उत्तर पूर्व की ओर बढ़ने के साथ कमजोर पड़ गया है. शाम तक यह दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जायेगा.

चक्रवात अब दक्षिण राजस्थान की ओर बढ़ रहा है

महानिदेशक ने कहा कि चक्रवात अब दक्षिण राजस्थान की ओर बढ़ रहा है तथा एनडीआरएफ ने राज्य सरकार से विचार विमर्श करके एक टीम जलोर में पहले ही तैनात कर दी है क्योंकि भारी बारिश से बाढ़ आने और लोगों के फंसने का खतरा है. राहत तथा बचाव कार्य के लिए गुजरात में एनडीआरएफ की 18 टीमें पेड़ काटने वाली मशीनों तथा नौकाओं के साथ तैनात हैं. उन्होंने कहा कि चक्रवात से पैदा किसी भी हालात से निपटने के लिए महाराष्ट्र में पांच तथा कर्नाटक में चार टीमें तैनात हैं. [wpse_comments_template]  

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