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पुरोहितों का कोई अर्थ नहीं, जब प्रभु की प्रजा को लाभ नहीं होता : बिशप थियोडोर

Ranchi: डाल्टनगंज धर्मप्रान्त के धर्माध्यक्ष बिशप थियोडोर मस्कारेन्हास गुरुवार को सभी धर्मसंघी और धर्मप्रान्त के पुरोहितों के साथ क्रिज्म मिस्सा बलिदान अर्पित किया. इस मिस्सा में बिशप ने तीन पवित्र तेल की आशीष की. बीमारों का तेल, दीक्षार्थियों का तेल, पवित्र विलेपन का तेल जो विभिन्न संस्कारों में प्रयोग किया जाता है. बिशप ने अपने पदग्रहण के बाद पहली बार क्रिज्म मिस्सा अर्पित किया. उन्होंने अपने उपदेश में तीनों तेल और पुरोहिताइ का मतलब समझाया. बीमारों का तेल बीमार लोगों को प्रभु की सांत्वना का मलहम लगाते हैं, ताकि वे चंगाई प्राप्त कर सकें. दीक्षार्थियों का तेल के द्वारा प्रभु के सुसमाचार प्रचार की मोहर लगाई जाती है. ताकि वे प्रभु के प्यार को बांट सकें और पवित्र विलेपन का तेल के द्वारा एक पुरोहित को जिनको प्रभु अभिषिक्त करते हैं,ताकि वह एक नबी, एक चरवाहा बन कर प्रभु की प्रजा की सेवा करे. इस अवसर पर बिशप के साथ डाल्टनगंज धर्मप्रान्त के वीजी फादर संजय गिद्ध, फादर आरसी चाको एस जे, डाल्टनगंज पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर मॉरिस कुजूर, सहायक पल्ली पुरोहित फादर माइकल कुजूर, तीनों डीनरी के डीन फादर ऑगस्टीन, फादर मॉरिस टोप्पो, फादर एमानुएल केरकेट्टा और लगभग 100 पुरोहित गण, 50 धर्म बहनें, 75 धर्मबंधु गण 300 ख्रीस्तीय विश्वासी गण उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें -झारखंड">https://lagatar.in/beware-of-snakes-and-dogs-in-jharkhand/">झारखंड

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