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प्रधानमंत्री मोदी युद्धग्रस्त देश यूक्रेन पहुंचे, राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिले

प्रधानमंत्री पोलैंड से कीव तक रेल फोर्स वन ट्रेन से गये, जिसमें करीब 10 घंटे का समय लगा. वापसी की यात्रा भी इतनी ही लंबी होगी. Kiev :  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी युद्धग्रस्त देश यूक्रेन की ऐतिहासिक यात्रा पर शुक्रवार को राजधानी कीव पहुंचे.  यहां उनका भव्य स्वागत किया गया. वे  राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिले. यात्रा के दौरान मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर विचार विमर्श होने की उम्मीद है. मोदी राष्ट्रपति जेलेंस्की के निमंत्रण पर यूक्रेन आये हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन पहुंचने के बाद सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि आज सुबह कीव पहुंच गया. भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से स्वागत किया.

कीव की यात्रा से पहले मोदी ने रूस की यात्रा की थी

कीव की यात्रा से लगभग छह सप्ताह पहले मोदी ने रूस की यात्रा की थी जिसके लिए अमेरिका और उसके कुछ पश्चिमी सहयोगियों ने उनकी आलोचना की थी. देश के 1991 में स्वतंत्र होने के बाद से यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यूक्रेन यात्रा है. नयी दिल्ली से रवाना होने से पहले मोदी ने कहा था कि एक मित्र और साझेदार के रूप में हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली की उम्मीद करते हैं.

भारत ने अब तक यूक्रेन पर रूसी आक्रमण की निंदा नहीं की है

उन्होंने कहा था, द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर दृष्टिकोण साझा करने के लिए राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ पहले की बातचीत को आगे बढ़ाने के अवसर की प्रतीक्षा कर रहा हूं.  प्रधानमंत्री पोलैंड से कीव तक रेल फोर्स वन ट्रेन से गये, जिसमें करीब 10 घंटे का समय लगा. वापसी की यात्रा भी इतनी ही लंबी होगी. भारत ने अब तक यूक्रेन पर रूसी आक्रमण की निंदा नहीं की है और वह वार्ता और कूटनीति के माध्यम से संघर्ष के समाधान की बात कई बार दोहरा चुका है.

यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष गहरी चिंता’का विषय 

कीव की यात्रा से पहले मोदी ने रूस की यात्रा की थी जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ संघर्ष समाप्ति के मुद्दे पर गहन विचार विमर्श किया था. पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के साथ वार्ता के बाद मोदी ने  गुरुवार को कहा कि यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष गहरी चिंता’का विषय हैं और शांति बहाल करने के लिए बातचीत तथा कूटनीति ही रास्ता है. उन्होंने कहा, भारत का दृढ़ता से यह मानना है कि युद्ध के मैदान में किसी समस्या का हल नहीं निकलता. पहले मोदी ने  कहा, किसी भी संकट में निर्दोष लोगों की जान जाना पूरी मानवता के लिए बड़ी चुनौती है. उन्होंने वारसॉ में मीडिया को दिये एक बयान में कहा, हम शांति और स्थिरता के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करते हैं. इसके लिए भारत अपने मित्र देशों के साथ मिलकर हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है.

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को कीव आने का निमंत्रण दिया था 

मोदी ने जून में इटली के अपुलिया में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान जेलेंस्की से बातचीत की थी. बातचीत के दौरान मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति से कहा था कि भारत यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष में वह सब कुछ करेगा जो वह कर सकता है. उन्होंने कहा था कि बातचीत और कूटनीति के माध्यम से ही शांति लायी जा सकती है. बैठक में यूक्रेनी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को कीव आने का निमंत्रण दिया था.

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