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प्रधानमंत्री मोदी असम में बोले, आजादी के बाद सत्ता में रहे लोगों को अपनी संस्कृति पर शर्म आती थी...

Guwahati : प्रधानमंत्री मोदी ने दावा किया कि आजादी के बाद सत्ता में रहे लोग पूजा स्थलों के महत्व को नहीं समझ सके और उन्होंने राजनीतिक वजहों से अपनी ही संस्कृति पर शर्मिंदा होने की प्रवृत्ति स्थापित की. याद दिलाया कि कोई भी अपनी जड़ों से कट कर, अतीत को भुलाकर सफल नहीं हो सकता. हमारे तीर्थ, हमारे मंदिर, हमारी आस्था के स्थान सिर्फ दर्शन करने करने के लिए नहीं हैं, ये हजारों वर्षों की हमारी सभ्यता की यात्रा की अमिट निशानियां हैं. ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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कोई भी देश अपना इतिहास मिटाकर प्रगति नहीं कर सकता

गुवाहाटी में आज रविवार को 11,600 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत करने के बाद एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि कोई भी देश अपना इतिहास मिटाकर प्रगति नहीं कर सकता. उन्होंने कहा, हालांकि, पिछले 10 साल में स्थिति बदली है. मोदी ने कहा कि जिन परियोजनाओं की उन्होंने शुरुआत की उससे न केवल पूर्वोत्तर में बल्कि बाकी के दक्षिण एशिया में संपर्क सुविधा मजबूत होगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 साल में असम में शांति लौटी है और 7,000 से अधिक लोगों ने हथियार छोड़े हैं और मुख्यधारा में लौटे हैं. उन्होंने कहा, पिछले दशक में क्षेत्र में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक आये हैं.

रोड शो में सीएम हिमंता भी पीएम के  साथ शामिल हुए,

प्रधानमंत्री मोदी ने गुवाहाटी के वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में मां कामाख्या मंदिर कॉरिडोर समेत असम में 11 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया. खबर है कि इसे महाकाल और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तरह 498 करोड़ रुपए खर्च कर विकसित किया जायेगा. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, अयोध्या में 22 जनवरी को श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के भव्य आयोजन के बाद मैं अब यहां मां कामाख्या के दरवाजे पर आया हूं. प्रधानमंत्री ने रविवार को जनसभा से पहले रोड शो किया. रोड शो में सीएम हिमंता भी उनके साथ शामिल हुए, [wpse_comments_template]  

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