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प्रधानमंत्री मोदी की कुर्सी डगमगा रही है.., उन्होंने अपने मित्रों पर ही हमला शुरू कर दिया : कांग्रेस

 New Delhi : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि देश में तीन चरणों के चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कुर्सी डगमगा रही है और उन्होंने अपने ही मित्रों पर हमला शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि यह चुनाव परिणामों के असली रुझान को दर्शाता है.                                                                             ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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वक्त बदल रहा है. दोस्त दोस्त ना रहा…!  

खड़गे ने आज बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, वक्त बदल रहा है. दोस्त दोस्त ना रहा…! तीन चरणों के चुनाव पूरे हो जाने के बाद आज प्रधानमंत्री अपने मित्रों पर ही हमलावर हो गये हैं. इससे पता चल रहा है कि मोदी जी की कुर्सी डगमगा रही है. यही परिणाम के वास्तविक रुझान हैं. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना में एक रैली में कहा था कि कांग्रेस को बताना चाहिए कि उसने अंबानी-अडाणी मुद्दा उठाना क्यों बंद कर दिया है. मोदी ने कहा, आपने देखा होगा कि कांग्रेस के शहजादे पिछले पांच साल से सुबह उठते ही माला जपना शुरु करते थे...

अंबानी-अडाणी को गाली देना बंद कर दिया

पांच साल से एक ही माला जपते थे. पांच उद्योगपति... फिर धीरे-धीरे कहने लगे... अंबानी, अडाणी... लेकिन जब से चुनाव घोषित हुआ है, इन्होंने अंबानी-अडाणी को गाली देना बंद कर दिया. उन्होंने कहा, ‘‘जरा शहजादे घोषित करें कि इस चुनाव में अंबानी, अडाणी से कितना माल उठाया है... जरूर दाल में कुछ काला है. पांच साल तक अंबानी, अडाणी को गाली दी और रातोंरात गालियां बंद हो गई. मतलब कोई न कोई चोरी का माल टेम्पो भर-भर के आपने पाया है. ये जवाब देना पड़ेगा देश को.

प्रधानमंत्री अब अपनी छाया से भी घबरा गये हैं

प्रधानमंत्री के हमले के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि इस चुनाव का रुख इतनी तेजी से बदल गया है कि हम दो हमारे दो के पप्पा अपने ही बच्चों पर हमलावर हो गये हैं. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, पराजय एक पूर्व निष्कर्ष है. प्रधानमंत्री अब अपनी छाया से भी घबरा गये हैं. रमेश ने उनकी परछाई के साथ मोदी की एक तस्वीर भी साझा की. रमेश ने कहा, जिस व्यक्ति ने अपनी पार्टी के लिए 8,200 करोड़ रुपये के चुनावी बॉण्ड एकत्र किये. यह घोटाला इतना व्यापक था कि उच्चतम न्यायालय ने भी इसे असंवैधानिक घोषित कर दिया... वह आज दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने कहा, याद रखें कि अपने चार रास्ते के जरिए प्रधानमंत्री ने अपने करीबी लोगों को उनके चंदे के बदले 4 लाख करोड़ रुपये के अनुबंध और लाइसेंस दिये हैं. अगर आज, 21 भारतीय अरबपतियों के पास 70 करोड़ भारतीयों के बराबर संपत्ति है, तो यह सब प्रधानमंत्री के इरादों और उनकी नीतियों के कारण है. यह कहने की जरूरत नहीं है कि उन 21 लोगों में हमारे दो प्रमुख हैं. [wpse_comments_template]  

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