Search

 
 
 

जगन्नाथपुर डिग्री कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य आठ दिन से बिना सूचना दिये अनुपस्थित

 
Jamshedpur (Anand Mishra) : जगन्नाथपुर डिग्री कॉलेज के घंटी आधारित शिक्षक को 5 महीने से वेतन नहीं मिला है. इसके कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इधर, प्रभारी प्राचार्य विकास कुमार मिश्रा आठ दिन से कॉलेज में बिना किसी सूचना के अनुपस्थित हैं. सप्ताह में एक बार कॉलेज आते हैं और 7 से 8 दिनों की रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज करते हैं. वहीं बायोमेट्रिक उपस्थिति अन्य कॉलेजों से करते हैं. क्षेत्र के विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा बेहतर हो इसको लेकर कोल्हान विश्वविद्यालय ने पिछड़े क्षेत्रों में एक डिग्री कॉलेज की स्थापना की है, लेकिन यहां के प्रभारी प्रिंसिपल अधिकतर गायब रहते हैं. महाविद्यालय में कार्यरत घंट आधारित शिक्षकों को यह कहकर गायब रहते हैं कि मुझे रजिस्ट्रार साहब ने यह कह रखा है कि हफ्ते में दो दिन कॉलेज जाना है. इसे भी पढ़ें : सीमा">https://lagatar.in/up-ats-may-conduct-lie-detector-and-polygraph-test-on-seema-haider-interrogation-continues/">सीमा

हैदर का लाई डिटेक्टर और पॉलीग्राफ टेस्ट करा सकती है यूपी एटीएस, पूछताछ जारी
विद्यार्थियों का कहना है कि पिछड़े क्षेत्र के कॉलेज को प्रभारी प्राचार्य की जरूरत हफ्ते में एक दिन के लिए ही होती है. अगर कोल्हान विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार यह बात कहते हैं तो इस मामले में विश्वविद्यालय भी गुनहगार है. इस मामले पर कोल्हान विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ पीके पाणी ने कहा कि अनुपस्थित होने का मामला अभी प्रकाश में आया है. इसकी जांच की जाएगी. नियमित रूप से कॉलेज में रहना और कॉलेज से ही अपनी उपस्थिति बायोमेट्रिक के माध्यम से देना है. अन्य किसी भी स्थान से बायोमेट्रिक उपस्थिति नहीं देना है. लेकिन यदि प्रभारी प्रिंसिपल इस पर गंभीर नहीं हैं, तो कार्रवाई की जाएगी. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-seraikela-district-received-land-honor-from-the-hands-of-president-draupadi-murmu/">आदित्यपुर

: सरायकेला जिले को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों मिला भूमि सम्मान
ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही झारखंड में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने लाखों रुपए खर्च कर कॉलेजों में प्रभारी प्रिंसिपल के अलावा शिक्षकों की नियुक्ति की है, लेकिन इस पर कॉलेज के प्रभारी प्रिंसिपल गंभीर नहीं हैं. अधिकारी को इतनी छूट मिलती है कि अपने अनुसार कॉलेज के नियम-कानून बहाल कर देते हैं. [wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही