पंचायत स्तर पर रोजगार का अवसर
मंत्री शिल्पी ने कहा कि पंचायत स्तर पर सरकारी तालाबों की बंदोबस्ती स्थानीय कॉपरेटिव सोसाइटी को दी जाएगी. इससे मछलीपालन के जरिए स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ा जाएगा. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कॉपरेटिव सोसाइटी के लिए आवश्यक 300 लोगों की अनिवार्यता में संशोधन किया जाए ताकि छोटे समूह भी इस प्रक्रिया में भाग ले सकें. राज्य में लगभग 12,580 सरकारी तालाब हैं, जिनमें से 1,000 तालाब रांची जिले में स्थित हैं. मंत्री ने जिलावार तालाबों का आंकड़ा भी मांगा है.मछलीपालन में महिला स्वयं सहायता समूह को जोड़ने पर जोर
मंत्री ने बताया कि JSLPS से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों को मछलीपालन से जोड़ा जाएगा. रांची और हजारीबाग जिलों में महिला समूहों को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी.प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को मछलीपालन में दक्ष बनाया जा रहा है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.तालाबों की बंदोबस्ती में पारदर्शिता की आवश्यकता
औचक निरीक्षण के दौरान मत्स्य निदेशालय केंद्र और अनुसंधान केंद्र में फैली गंदगी और कुव्यवस्था को देखते हुए मंत्री ने अधिकारियों को कार्यसंस्कृति सुधारने का निर्देश दिया. उन्होंने अनुपस्थित कर्मियों पर सख्ती बरतने की बात कही. इस साल 2,500 लाख मछली जीरा वितरण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक सिर्फ 1,646 लाख जीरा का ही वितरण हो सका है. मंत्री ने इस लक्ष्य को पूरा करने और इसकी रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने का आदेश दिया है.मछलीपालन को बनाया जाएगा मजबूत रोजगार का साधन
धुर्वा स्थित मत्स्य अनुसंधान केंद्र में चल रहे प्रशिक्षण के दौरान मंत्री ने किसानों और महिलाओं से बातचीत की. उन्होंने मछलीपालन को एक मजबूत रोजगार का साधन बताते हुए इसे अपनाने की सलाह दी. झारखंड सरकार मछलीपालन को बढ़ावा देकर ग्रामीण स्तर पर रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृतसंकल्पित है इसे भी पढ़ें - सुप्रीम">https://lagatar.in/supreme-court-collegium-summoned-allahabad-high-court-judge-shekhar-yadav-had-said-that-country-will-run-only-according-to-majority/">सुप्रीमकोर्ट कॉलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज शेखर यादव को तलब किया, कहा था, बहुसंख्यकों के अनुसार ही देश चलेगा [wpse_comments_template]
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