लेटरल एंट्री और निजीकरण के जरिए सरकार आरक्षण को कमजोर करने का काम कर रही है. अगर लोकसभा में ये नतीजे नहीं आये होते तो संविधान बदलने का काम भी शुरू कर देती. इस चुनाव में इनको पता चल गया कि देश की जनता ही इस संविधान को सुरक्षित रखेगी. NewDelhi : हजारों साल पुरानी हमारे देश की परंपरा संवाद और चर्चा की रही है. वाद-विवाद और संवाद की पुरानी संस्कृति है. अलग-अलग धर्मों में भी ये वाद-संवाद, चर्चा-बहस की संस्कृति रही है. इसी परंपरा से उभरा हमारा स्वतंत्रता संग्राम. हमारा स्वतंत्रता संग्राम अनोखी लड़ाई थी, जो अहिंसा और सत्य पर आधारित थी. हमारी ये जो लड़ाई थी आजादी के लिए, बेहद लोकतांत्रिक लड़ाई थी. इसमें हर वर्ग शामिल था. सबने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी. उसी आजादी की लड़ाई से एक आवाज उभरी, जो हमारे देश की आवाज थी, वो आवाज ही हमारा संविधान है,
हमारा संविधान एक सुरक्षा कवच है, जो देशवासियों को सुरक्षित रखता है।
हमारा संविधान न्याय, एकता और अभिव्यक्ति की आजादी का कवच है। लेकिन बीते 10 साल में सत्ता पक्ष ने ये सुरक्षा कवच तोड़ने का पूरा प्रयास किया है। : लोक सभा में कांग्रेस महासचिव श्रीमती @priyankagandhi">https://twitter.com/priyankagandhi?ref_src=twsrc%5Etfw">@priyankagandhi
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13, 2024
हमारे देश में संवाद और चर्चा की हजारों साल पुरानी परंपरा रही है।
ये परंपरा हर धर्म, दर्शन ग्रंथों, वेदों और उपनिषदों में दिखती है। वाद-संवाद हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है। इसी परंपरा से हमारा स्वतंत्रता संग्राम निकला था, जो अहिंसा और सत्य पर आधारित था। ये एक बेहद लोकतांत्रिक… pic.twitter.com/kqyLsY4qt7">https://t.co/kqyLsY4qt7">pic.twitter.com/kqyLsY4qt7
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13, 2024
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