600 से अधिक वकीलों द्वारा भारत के प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ को 26 मार्च को लिखे गये पत्र में कहा गया है, उनकी दबाव की रणनीति राजनीतिक मामलों में, विशेषकर उन मामलों में सबसे ज्यादा स्पष्ट होती है जिनमें भ्रष्टाचार की आरोपी राजनीतिक हस्तियां होती हैं. New Delhi : कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने केंद्र पर उच्चतम न्यायालय द्वारा चुनावी बांड योजना को रद्द किये जाने के बाद न्यायपालिका पर दबाव डालने का आरोप लगाया. सवाल किया कि क्या नरेन्द्र मोदी सरकार को स्वतंत्र और मजबूत न्यायपालिका मंजूर नहीं है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है जब वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा समेत कुछ अन्य वकीलों की ओर से प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखकर न्यायपालिका पर दबाव डालने और अदालतों को बदनाम करने के प्रयास के आरोप लगाये जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा था. ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">
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इलेक्टोरल बांड (जनता इसे “वसूली रैकेट” कह रही है) पर सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय से घोटालों की परतें खुलती देख जिस ढंग से पत्र लिखवाकर न्यायिक ढाँचे को दबाव में लाने की कोशिश की जा रही है और फिर स्वयं प्रधानमंत्री का अखाड़े में उतरकर न्यायपालिका पर नकारात्मक टिप्पणी करना बताता है…
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30, 2024
वित्त मंत्रालय का कहना है कि भारत सरकार मौजूदा वित्त वर्ष में 14 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज लेने जा रही है। क्यों? आजादी के बाद से वर्ष 2014 तक, 67 सालों में देश पर कुल कर्ज 55 लाख करोड़ था। पिछले 10 वर्ष में अकेले मोदी जी ने इसे बढ़ाकर 205 लाख करोड़ पहुंचा दिया। इनकी सरकार…
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30, 2024
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