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उक्त निर्देश मुख्य न्यायाधीश का है ऐसा ही लगा था - राजीव सिन्हा
इससे राजीव सिन्हा को लगा कि उक्त निर्देश मुख्य न्यायाधीश का है, इसलिए उन्होंने अमेजन पर 10000- ₹10000 के 15 गिफ्ट कार्ड खरीदने का आर्डर किया. इसके लिए राजीव सिन्हा ने अपने एसबीआई बचत खाता से डेढ़ लाख रुपये इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से भुगतान भी कर दिया. भुगतान के बाद आए सभी 15 लिंक की सूचना उन्होंने उक्त नंबर के व्हाट्सएप पर भेज दी. जब दोबारा उसी नंबर से 10000- 10000 रूपये के 50 और गिफ्ट कार्ड खरीदने का अनुरोध उनके मोबाइल पर आया,तो उन्हें शंका हुई. इसके बाद राजीव सिन्हा ने ट्रूकॉलर से उक्त नंबर को चेक किया, जिसमें उन्हें उक्त नंबर किसी और के नाम पर रजिस्टर्ड मिला. इसके बाद राजीव कुमार सिन्हा ने उक्त जानकारी एसएसपी रांची को दी. एसएसपी ने तुरंत साइबर सेल को एफआईआर की कॉपी देते हुए डोरंडा थाना में एफआईआरदर्ज कराने का निर्देश दिया. डोरंडा थाना में उक्त नंबर के विरुद्ध धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई है. इस मामले में भादवि की धारा 419, 420 और आईटी एक्ट 66 सी और 66 डी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. इसे भी पढ़ें - Panama">https://lagatar.in/whistleblower-of-panama-papers-leak-claims-putin-is-more-dangerous-than-hitler-said-im-in-danger-of-life/">PanamaPapers Leak के व्हिसलब्लोअर का दावा, हिटलर से भी ज्यादा खतरनाक हैं पुतिन, कहा, मुझे जान का खतरा [wpse_comments_template]

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