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डीएवी बरकाकाना में गीता महात्म्य पर कार्यक्रम, जीने की कला सिखाता है गीता

Ramgarh : डीएवी बरकाकाना में गीता महात्म्य पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में रांची इस्कॉन के व्योम पद दास, रामगढ़ के डॉक्टर सुधीर आर्या, डॉक्टर सांत्वना शरण, डॉक्टर बरेलिया समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. डीएवी की परंपरा के अनुसार गायत्री मंत्र के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई. इसके बाद डीएवी गान प्रस्तुत किया गया. प्राचार्या के साथ गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की. मौके पर गणमान्य अतिथियों को हरित पौधा दिया गया. इसे भी पढ़ें :विपक्षी">https://lagatar.in/opposition-members-have-no-right-to-speak-against-hemant-sarkar-jmm-mla-jiga-horo/">विपक्षी

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मानव जीवन में गीता की उपयोगिता पर चर्चा

कार्यक्रम में शिवम कुमार ने गीता पर विचार व्यक्त किया जबकि रितिका वशिष्ट ने मानव जीवन में गीता की उपयोगिता पर प्रकाश डाला. वहीं वर्ग सप्तम से अष्टम के बच्चों ने गीता के सभी अध्यायों का संक्षिप्त परिचय दिया. जबकि वर्ग सप्तम की कोमल और बार्बी ने गीता सूत्र पर चर्चा की. वर्ग एलकेजी से द्वितीय के बच्चों ने गीता के श्लोक का भावपूर्ण उच्चारण किया. व्योम पद दास एवं उनकी भजन मंडली ने बच्चों एवं शिक्षकों के साथ मिलकर अनुपम भजन प्रस्तुत किया. भजन के बोल पर सभी झूम झूम कर नाचने और गाने लगे. इसे भी पढ़ें :तिसरी">https://lagatar.in/tisri-cm-hemant-soren-is-misleading-the-public-on-the-planning-policy-babulal-marandi/">तिसरी

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गीता का कर्मयोग जीने की कला सिखाता है

इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या सह क्षेत्रीय अधिकारी ने गीता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गीता का कर्म योग हमें जीने की कला सिखाता है. यह जीने की विधि का एक यथार्थ दर्पण है. इसमें निहित रहस्य को समझने के लिए निरंतर अन्वेषण अनिवार्य है. इसके पश्चात विद्यालय के 200 बच्चों को श्रीमद्भागवत गीता दी गई. [wpse_comments_template]

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