Bokaro: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए ESL स्टील लिमिटेड ने अपने CSR कार्यक्रम प्रोजेक्ट जीविका के तहत हितधारक कार्यशाला का आयोजन किया. यह कार्यक्रम ESL स्किल स्कूल में हुआ. इसमें जीविका सृजन शक्ति प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (OFPO) की 31 महिला सदस्यों ने हिस्सा लिया.
कार्यशाला का उद्देश्य महिला उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, संस्थागत सहयोग, कौशल विकास और व्यवसाय बढ़ाने के नए अवसरों की जानकारी देना था. कार्यक्रम की शुरुआत प्रोजेक्ट जीविका और प्रोड्यूसर कंपनी के भविष्य की योजना की जानकारी के साथ हुई.
कार्यक्रम में JSLPS चास के BPM आनंद राज, जिला उद्योग केंद्र के जिला समन्वयक किशोर कुमार रजक, RSETI के आनंद कुमार, DIC चंदनकियारी के प्रखंड समन्वयक नरेंद्र कुमार और जिला परिषद प्रतिनिधि रामपद रबीदास ने महिलाओं को उद्यमिता, सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, बाजार, ब्रांडिंग, मूल्य संवर्धन और उत्पादों की बिक्री से जुड़ी जानकारी दी. ESL स्टील की ओर से CSR परियोजना समन्वयक वेद प्रकाश सिंह, शिवजी कुमार, कामेश्वर गोस्वामी और CSR टीम के अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में मौजूद रहे.
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को झारखंड की सफल ग्रामीण महिला उद्यमियों के अनुभव भी बताए गए. साथ ही सामूहिक उद्यम, बाजार की जरूरत के अनुसार उत्पादन और ब्रांडिंग के महत्व पर भी चर्चा की गई. महिलाओं को सरकारी और संस्थागत योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया.
कार्यक्रम के अंत में जीविका सृजन शक्ति प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी बसंती देवी ने प्रतिभागियों को संबोधित किया. इसके बाद प्रश्नोत्तर सत्र हुआ, जिसमें महिलाओं ने अपने कारोबार से जुड़े सवाल विशेषज्ञों से पूछे और आगे की संभावनाओं पर चर्चा की.
ESL स्टील लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक रवीश शर्मा ने कहा कि महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ना समावेशी और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य केवल रोजगार के अवसर देना नहीं, बल्कि महिलाओं को कौशल, बाजार और संस्थागत सहयोग से जोड़कर आत्मनिर्भर उद्यमी बनाना है. उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट जीविका के माध्यम से कंपनी सामुदायिक भागीदारी और सामूहिक उद्यमिता को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है.
कंपनी का कहना है कि इस कार्यशाला से महिला उद्यमियों और सरकारी संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय बना है. साथ ही महिलाओं को उपलब्ध योजनाओं और सहायता की जानकारी मिली है, जिससे उनके कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
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